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रांची के अमित पहुंचे टेरेंस लेविस के वर्कशॉप में, कहा – डांस ही जिंदगी

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Ranchi : डांस का नाम सुनते ही कोई भी थोड़ा झूम जाता है. वैसे इन दिनों डांस का क्रेज भी काफी बढ़ गया है. हर गली मोहल्ले में डांस क्लास का बोर्ड लगा हुआ दिख ही जाता है.

ऐसे डांस क्लास में ही सीखकर बच्चे बहुत आगे निकल जाते हैं और रियाल्टी शो तक भी पहुंच जाते हैं. लेकिन इसके पीछे कड़ा अभ्यास और टीचर की मेहनत भी होती है.

ऐसे ही एक डांस टीचर हैं रांची के अमित कुमार सिंह. यूं तो बचपन से ही इन्हें डांस का बहुत शौक था. लेकिन बाद में इन्होंने डांस को ही अपना करियर बना लिया. रांची स्थित हरमू के रागरंग डासिंग इंस्टीट्यूट में छोटे से लेकर बड़े बच्चों तक को हर स्टाइल का डांस का सिखाते हैं.

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रागरंग में बच्चों को देते हैं ट्रेनिंग

रांची के अमित पहुंचे टेरेंस लेविस के वर्कशॉप में, कहा – डांस ही जिंदगी
रागरंग के बच्चे अमित के साथ

अपनी मेहनत के दम पर ही अमित का चुनाव देश के मशहूर कोरियोग्राफर टेंरेंस लेविस के वर्कशॉप के लिए हुआ. झारखंड से एकमात्र ही अमित थे, जिनका चुनाव इस वर्कशॉप के लिए हुआ. अमित का कहना है कि ऐसे तो इनका डांस स्टाइल बॉलिवुड है.

लेकिन टेरेंस के वर्कशॉप में जाकर इन्होंने डांस के कई नये तरीके सीखे. जिसमें मुख्य रूप से बॉलिहॉप है. इस डांस स्टाइल में अमित ने जो सीखा , अब वे बच्चों को भी उसे पूरी तरह से सिखाने का प्रयास कर रहे हैं.

रागरंग के बच्चे भी अपने अमित सर पर जान छिड़कते हैं. उनके ट्रेनिंग से लौटने के बाद बच्चों ने उनका ग्रैंड वेलकम भी किया था. साथ ही रागरंग की संचालिका प्रीति सिन्हा भी अमित की काफी तारीफ करती हैं और उनके टैलेंट को भी सलाम करती हैं. हालांकि प्रीति भी अपने डांस स्कूल में बच्चों पर काफी ध्यान देती हैं, सबकी सुविधा का ख्याल भी रखती हैं.

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पिता रहते थे खफा

अमित की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उन्होंने कहीं से डांस की ट्रेनिंग नहीं ली है. बचपन का शौक इतना हावी होता चला गया कि डांस करते –करते अमित कब टीचर बन गये, उन्हें खुद भी पता नहीं चला. रांची के डीपीएस के अलावा कई अन्य स्कूलों में बच्चों को डांस की ट्रेनिंग दे चुके हैं.

अमित बताते हैं कि शुरू में उन्होंने काफी स्ट्रगल किया और पिता की नाराजगी भी उन्हें झेलनी पड़ी. लेकिन मां उनके हर कदम पर साथ रहती थीं और हर तरह से सपोर्ट करती थीं. लेकिन अब हालात ये हैं कि अमित खुद इस काबिल हो गये हैं कि पिता का सहारा भी हैं.

अपने परिवार की हर जरूरत का ख्याल भी रखते हैं. अमित की कोशिश है कि अब जल्दी ही मुंबई जायें और एक बड़ा कोरियोग्राफर बन जायें.

हालांकि डांस के अलावा मूर्तियां गढ़ने की शौक भी अमित को है और दुर्गा पूजा से लेकर सरस्वती पूजा तक के लिए इन्होंने मूर्तियों को गढ़ा है.

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