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पहले तो फर्जी कंपनी बना ठग ली रकम, जेल से निकलते ही फिर बना ली नयी कंपनी   

कांके प्रखंड में चिटफंड कंपनी ने 2000 लोगों को ठगा

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Sweta Kumari

Ranchi : चिटफंड की कंपनियों के झासे में आकर अपनी बड़ी रकम गंवाने वाले लोगों की फेहरिस्त लंबी है. हालांकि चिटफंड कंपनियां भी देश में गाजर–मूली की तरह भरी पड़ी हैं. जो लोगों को तमाम तरह से लालच देकर अपना शिकार बना लेते हैं. लोग भी अपनी गाढ़ी कमाई का हिस्सा उसमें इनवेस्ट करते हैं, लेकिन हाथ सिर्फ धोखा ही लगता है. झारखंड भी इससे अछूता नहीं है, यहां कई कंपनिय़ां ऐसी हैं, जो काफी संख्या में लोगों को चूना लगाने के बाद भी फल-फूल रही हैं.  चिटफंड कंपनिया भोले भाले लोगों को ठग ना सके, इसके लिये सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है. लेकिन जब कोई फर्जी कंपनी लोगों को ठगकर भाग जाती है तो सरकार केस दर्ज करके फिर से सो जाती है.

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ऐसा ही मामला कांके प्रखंड में आया है. वहां की महिला समितियों ने एजेंट के माध्यम से लाखों रुपये जमा किये थे. इन लोगों ने ओम श्री रिसोर्सेज लिमिटेड या ओम वेल्थ मैनेजमेंट एंड रिसोर्सेज लिमिटेड नाम की कंपनी में अपने रूपये लगाये थे. लेकिन कंपनी ही फर्जी निकली और 6 करोड़ की रकम लेकर लेकर फरार हो गयी. अब महिला समीतियों से जुड़ी महिलाओं के पास सिवाय आंसू के कुछ नहीं है. दरअसल समूहों से जुड़ी महिलाओं ने अपनी मेहनत की कमाई दोगुना होने की लालच में कंपनी में जमा किये थे. लेकिन हाथ सिर्फ पछतावे के अब कुछ नहीं है.

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कंपनी ओडिशा से रजिस्टर्ड है

पहले तो फर्जी कंपनी बना ठग ली रकम, जेल से निकलते ही फिर बना ली नयी कंपनी   

फर्जी कंपनी ओम श्री रिसोर्सेज लिमिटेड ने कांके प्रखंड में अपना काम साल 2008 में शुरू किया था. उस वक्त कंपनी के बारे में लोगों से कहा गया कि यह कंपनी ओडिशा से रजिस्टर्ड है और छोटी बचत करने के लिये सही है. साथ ही कंपनी के बारे में यह भी कहा गया कि कोई जितना रकम इसमें जमा करेगा तो एक साल में ही वो दोगुना हो जायेगा. कांके प्रखंड में कंपनी ने ओम श्री रिसोर्सेज लिमिटेड के नाम से कार्यालय खोल लिया. कंपनी के मालिकों में हृदयानंद त्रिपाठी और प्रदीप कुमार राउत ने कांके प्रखंड के कई लोगों को अपना एजेंट भी बना लिया. ताकि स्थानीय लोग उनपर भरोसा जता सकें और अपने रूपये कंपनी में लगा सकें.

कंपनी ने अपना इतना प्रचार किया कि लोगों के बीच विश्वास बन गया और उन्होंने अपनी जमा पूंजी दोगुना होने की लालच में कंपनी के एजेंट को सौंप दी. इसी बीच कंपनी ने पिठोरिया में भी अपना ब्रांच खोला. वहीं के सुरेश साव को अपना सीनियर सेल्स मैनेजर बना दिया. सुरेश ने सबसे पहले कांके प्रखंड में स्थित महिला समूहों को अपना टारगेट बनाया. इसी क्रम में सुरेश ने महिला समूह की प्रमुख को एजेंट बनाया और महिलाओं से पैसा जमा करवाने का काम दिया.

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कंपनी में रकम जमा करने वाली महिला समूह

1.लक्छमी महिला मंडल-1,11000,

2.कृति महिला मंडल-34,000/

 3.गुलाब महिला समिति-30,000/

 4.शिव शक्ति महिला मंडल-70,000

5.दुर्गा महिला मंडल – 32,000/

6 . सरस्वती महिला मंडल से 50,000/

पहले तो फर्जी कंपनी बना ठग ली रकम, जेल से निकलते ही फिर बना ली नयी कंपनी   

उपरोक्त महिला मंडलों से कहा गया कि उनके जमा किये गये एक साल में दोगुना हो जायेगा. मामला 2010 का है और जमा कराये गये पैसे इन्हें साल 2014 में मिलना था.वहीं इन महिला मंडलों के अलावा शीला देवी ने 1 लाख,पारवती देवी ने 50,000 रु,लीला देवी ने 70,000 हजार,सावित्री देवी ने 48,000 हजार,पारवती देवी और उसके पति ने 4 लाख पच्चीस हजार,गीता देवी ने 4 लाख ,कैलाश नायक ने 4 लाख कंपनी में जमा कराये थे. साथ ही कई अन्य लोगों ने भी लाखों की रकम कंपनी में लगाये. लेकिन जब रकम की अवधि पूरी हुई तो कंपनी की असलियत 2014 में सहबके सामने आ गयी. जब लोगों ने अपने जमा रकम की अवधि पूरी होने पर सुरेश साव से दुगुने पैसे की मांग की तो सभी जमाकर्ताओं को उनके पासबुक थमा दिये.

लेकिन लोगों ने भी सुरेश साव से अपने दोगुने रकम को मांगना जारी रखा. लेकिन दिलासा देत – देते सुरेश ने 2 साल का वक्त बिता दिया. तब लोगों का धैर्य टूटा और सबने सुरेश साव के घर का घेराव किया. भीड़ काफी उग्र थी और सुरेश साव को पीटने पर आमादा थी. लेकिन उसी दौरान पिठोरिया थाना को सूचना मिली. पुलिस ने मौके से सुरेश साव को गिरफ्तार किया और थाना ले आयी. पुलिस के साथ ही ग्रामीण भी थाना पहुंचे और घेराव किया. ये सबकुछ साल 2016 में हुआ था.

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पुलिस ने पैसा लेकर केस को कमजोर कर दिया 

पहले तो फर्जी कंपनी बना ठग ली रकम, जेल से निकलते ही फिर बना ली नयी कंपनी   

जब लोगों ने थाने में पूरे मामले की जानकारी दी तो तत्कालीन थाना प्रभारी ने एक एजेंट शीला देवी के नाम से केस दर्ज किया. मगर केस में क्या लिखा गया, इसकी जानकारी शीला देवी को नहीं बताया गया सिर्फ हस्ताक्षर करवा लिया गया. हालांकि बाद में पता चला की कि कंपनी के संचालक और सुरेश साव पर पुलिस ने केस तो दर्ज किया था. लेकिन पैसा लेकर केस को कमजोर कर दिया गया. इसके बाद जिन लोगों के साथ ठगी हुई थी, उन्होंने एक वकील अपने केस के लिये नियुक्त किया. वकील ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की. याचिका में लोगों ने कोर्ट से अभियुक्तों को थाना से ही जमानत दिए जाने का विरोध करते हुए उनकी गिरफ्तारी का अनुरोध किया. लेकिन याचिका के आलोक में कंपनी एजेंट सुरेश साव ने हाइकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए बेल पेटिशन दिया और  उसे जमानत मिल गयी. ठगी के इस मामले में ग्रामीणों को सिर्फ निराशा ही हाथ लग रही थी, क्योंकि ना तो उन्हें न्याय ही मिला और ना ही उनके पैसे.

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फिर साल 2018 में श्रमिक विकास संगठन के कार्यकर्ताओं को ठगी मामले की जानकारी मिलते ही “उपभोक्ता संगठन” बनाकर इस मामले को उठाया. इस संगठन में पिठोरिया और कांके के वैसे लोग भी शामिल हैं. जो इस फर्जीवाड़े के शिकार हुए हैं. संगठन के बैनर तले राजभवन के सामने महिलाओं ने धरना दिया. महिलाओं ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा अभियुक्तों की गिरफ्तारी की मांग के साथ ही  अपने पैसे वापस दिलवाने की मांग की. अब इस मामले में ठगी के शिकार लोगों को न्याय दिलाने के लिये उपभोक्ता संगठन, श्रमिक विकास संगठन के नेतृत्व में आंदोलना करने की तैयारी कर चुका है. वहीं इस बारे में श्रमिक विकास संगठन के राज्य अध्यक्ष कुमार सुशील ने बताया कि इस आंदोलन के जरिये हम न्याय लेकर रहेंगे. साथ ही कहा कि फर्जी कंपनी के संचालकों की गिरफ्तारी और गरीब ग्रामीणों के पैसे भी वापस करवा कर ही चैन की सांस लेंगे.

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ठगी के पैसों से बना ली नयी कंपनी

पहले तो फर्जी कंपनी बना ठग ली रकम, जेल से निकलते ही फिर बना ली नयी कंपनी   

इस मामले में प्राप्त जानकारी के मुताबिक फर्जी कंपनी ओम श्री रिसोर्सेज लिमिटेड के लोगों ने ठगे गये पैसों से ही नयी कंपनी खोल दी और एक बार फिर से लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना रहे हैं. अब जरूरत है सरकार को कि तत्काल ऐसी कंपनियों की लिस्ट बनवाकर उनपर ठोस कार्रवाई करे. साथ ही प्रखंड स्तर पर एक जागरूकता कार्यक्रम चलाये ताकि लोग अपनी रकम को ऐसी फर्जी कंपनियों में लगाने से परहेज करें.

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