Education & CareerJharkhandRanchi

#JPSC की लापरवाही से असिसटेंट प्रोफेसरों को नहीं मिल रहा प्रमोशन :  डॉ एम तौसीफ

Ranchi :  झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता डॉ. एम. तौसीफ ने संवैधानिक संस्था झारखंड लोक सेवा आयोग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हजारों प्रोफेसरों एवं छात्रा-छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है.

उन्होंने कहा है कि आज राज्य के कई यूनिवर्सिटी के कुछ विभागों में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर को प्रमोशन नहीं मिल पा रहा है. ऐसे प्रोफेसर पिछले कई वर्षों से एसोसिएट प्रोफेसर बनने के इंतजार में है.

लेकिन आयोग की गलत नीतियों और इसपर बीजेपी के प्रभाव का हश्र है कि आज ऐसे प्रोफेसर प्रमोशन के इंतजार में है.

उन्होंने कहा कि बीजेपी शासनकाल की गलत नीतियों से राज्य का खजाना खाली हो गया. उसी तरह से पार्टी ने संवैधानिक संस्थाओं को भी बर्बाद एवं तहस-नहस करने का भी काम किया.

इसका जीता-जागता उदाहरण जेपीएससी है. बीजेपी जितने वर्ष राज्य में सत्तासीन रही, उतना वर्ष आयोग को पार्टी का हिस्सा मान लिया था और संस्था के अधिकारियों को एजेंडे के मुताबिक काम करवाया.

इससे राज्य के हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकार में चल गया.

इसे भी पढ़ें : #Ranchi में आठ लेन के सिंथेटिक ट्रैक के लिए खर्च हुआ 7.27 करोड़, चंदनकियारी में छह लेन के लिए 11 करोड़!

हायर एजुकेशन ले रहे छात्र एसोसिएट प्रोफेसर बनने के इंतजार में  

डॉ तौसीफ ने आरोप लगाया कि जेपीएससी ने यूनिवर्सिटी के कुछ विभागों में आज तक एसोसिएट प्रोफेसर का इंटरव्यू तक नहीं किया है.

जिन विभागों में एसोसिएट प्रोफेसर का इंटरव्यू नहीं हुआ, उस विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसरों को लगभग 20 साल से भी ज्यादा नौकरी करते हो गये हैं.

आज की स्थिति यह है कि ऐसे प्रोफेसर जल्द ही रिटायर हो जायेंगे जिससे इन कतिपय विभागों में कुछ गिने-चुने प्रोफ़ेसर ही बच पायेंगे.

उन्होंने कहा कि जेपीएससी के लिए बहुत ही शर्म की बात है कि जिन विभागों में सैकड़ों की तादाद में छात्र हायर एजुकेशन ले रहे हों, उन्हीं विभागों में पढ़ाई कर रहे छात्र प्रोफेसर बनने के इंतजार में हैं.

इसे भी पढ़ें : पुलवामा के शहीद विजय सोरेंग को रघुवर ने ठगा, CCL-BCCL फैमली मैटर की वजह से नहीं कर पा रही मदद

आयोग जल्द ले एसोसिएट प्रोफेसर का इंटरव्यू

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि जेपीएससी ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया. अगर यह प्रोफ़ेसर असिस्टेंट प्रोफेसर ही रहकर रिटायर हो जायेंगे तो इसका जिम्मेदारी जेपीएससी के तत्कालीन अधिकारियों पर होगी.

आयोग को चाहिए कि जितनी जल्दी हो सके, बचे हुए यूनिवर्सिटी के विभागों में एसोसिएट प्रोफेसर का इंटरव्यू ले.

उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार का संकल्प है कि सभी वर्ग के लोगों को छात्र- छात्राओं, प्रोफ़ेसर एवं आम जनता को न्याय मिल सके.

इसे भी पढ़ें : तो क्या सरकार और NIOS के बदलते नियमों के कारण अप्रशिक्षित रह गये 4500 पारा शिक्षक

Telegram
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button
Close