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सहायक प्राध्यापक बहाली मामलाः बंद को लेकर छात्रों का दो गुट आमने-सामने

कुलपतियों, प्रतिकुलपति और पुलिस का कैंपस में कैंप

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Ranchi: सहायक प्राध्यापक बहाली को लेकर शुक्रवार को रांची विश्वविद्यालय एवं श्यामा प्रसाद विश्वविद्यालय कैंपस का नजारा कुछ अजीब ही देखने को मिला. दरअसल, बहाली प्रक्रिया का विरोध कर रहे छात्रों को एक अन्य छात्र संगठन का विरोध करना पड़ा. अन्य छात्र संगठनों का आरोप है कि राज्य में पहली बार जेपीएससी के माध्यम से सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति की जा रही है.

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यह नियुक्ति राज्य के युवाओं के लिए बेहतर अवसर है. इसलिए इसे सुचारु रुप से जारी रखना चाहिए. इसके पक्ष में इस छात्र संगठन ने कई विभागों में जाकर बंद वापस करने की मांग की. वही एक समर्थक सुबह से ही बंद के पक्ष में विभागों का दौरा कर रहे थे.

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टकराव की स्थिति

बंद समर्थकों और इसका विरोध कर रहे छात्रों के गुट में टकराव की स्थिति में आ गयी थी. ऐसी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात कर दी गई. रांची विश्वविद्यालय कैंपस, श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय कैंपस में पुलिस पर्याप्त संख्या में तैनात कर दी गई है. वही रांची विश्वविद्यालय के कुलपति एवं श्यामाप्रसाद यूनिवर्सिटी के कुलपति मोरहाबादी कैंपस का दौरा कर रहे हैं.

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रांची विश्वविद्यालय के कुलपति कहा कि शांतिपूर्ण बंद करना लोकतंत्र में जायज है. लेकिन छात्रों की कक्षाएं बाधित करना यह अनुचित है. जिन विभागों में क्लासेस रोके गये थे, वहां विश्वविद्यालय की ओर से पहल करने पर कक्षाएं फिर से आरंभ कर दी गई है.

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क्या है मामला

दरअसल, जेपीएससी द्वारा सहायक प्राध्यापक बहाली प्रक्रिया के विरोध में कई दिनों से एक छात्र संगठन प्रदर्शन कर रहा है. छात्र संगठन के रिंकू शाही का कहना है कि इस बहाली प्रक्रिया में कई खामियां हैं जिसके तहत छात्र आंदोलन कर रहे हैं. वही आदिवासी छात्र संगठन के नेताओं का कहना है कि राज्य में पहली बार इस तरह की नियुक्ति आई है जिसका ST-SC छात्र समर्थन करते हैं. इसलिए इस बहाली प्रक्रिया को सुचारु रुप से जारी रखना चाहिए.

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