BokaroJharkhand

Bokaro: तेनुघाट भवन अवर प्रमंडल कार्यालय में नहीं आते हैं सहायक अभियंता

  • चतुर्थवर्गीय कर्मचारी के भरोसे चलता है कार्यालय

Gomia (Bokaro): तेनुघाट का भवन अवर प्रमंडल कार्यालय जहां से भवन निर्माण विभाग की ओर से कसमार, पेटरवार, गोमिया, नावाडीह प्रखंड में चलने वाली लाखों की योजनाओं की देख-रेख होती है, हाल के वर्षो में एक चपरासी के भरोसे चलता है.

कहने को यहां के कार्यालय के संचालन को लेकर एक सहायक अभियंता की पदस्थापना विभाग की ओर से की गयी है लेकिन वे शायद ही कभी इस कार्यालय में नजर आते हैं. जब सहायक अभियंता कार्यालय में नहीं रहते, तो इसका लाभ कार्यालय में पदस्थापित कनीय अभियंता भी उठाते हैं.

यहां पर तीन कनीय अभियंता की पदस्थापना है जो हर वक्त कार्यस्थल के निरीक्षण पर रहने की बात कह कर क्षेत्र में रहने की बात कहते हैं, जबकि सहायक अभियंता शंभू सिंह तो कभी नजर ही नहीं आते हैं. कार्यालय में पदस्थापित एक चतुर्थवर्गीय कर्मी नरेश करमाली ही सुबह में कार्यालय खोलता है और शाम में बंद कर अपने गांव चला जाता है.

advt

इसे भी पढ़ें – झारखंड में Corona का बढ़ता प्रकोप, एक दिन में 5 की मौत

जनवरी 2019 में हुई है सहायक अभियंता की पदस्थापना

तेनुघाट भवन अवर प्रमंडल में बीते पांच वर्षो में जो भी सहायक अभियंता पदस्थापित हुए हैं, उनका अधिकांश समय बोकारो मुख्यालय में ही गुजरा है. सहायक अभियंता शंभू सिंह की पदस्थापना जनवरी 2019 को हुई है.

इसके पूर्व तेनुघाट अवर प्रमंडल का प्रभार अतिम कुमार के पास था. वह भी शंभू सिंह के तरीके से हर काम बोकारो कार्यालय में मंगवाकर करते थे. तेनुघाट से हर तरह के कागजात को काम करने वाले अभिकर्ता, अभियंता लेकर उनके पास पहुंचते थे. वहीं पर कागजों को दुरुस्त कर जिला में जमा करते थे.

ठीक उसी राह पर वर्तमान सहायक अभियंता इस कार्यालय में एक या दो बार ही नजर आये हैं. तेनुघाट में कई विभागों के कार्यालय है जहां पर पदस्थापित हर पदाधिकारी नजर आते हैं, लेकिन ये सिर्फ स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्रता दिवस पर झंडोत्तोलन में ही नजर आते हैं.

adv

इसे भी पढ़ें – नक्सलियों के निशाने पर पुलिस ‘मुखबिर’, कई की ले चुके हैं जान

शंभू सिंह के मामले की जानकारी मुख्यालय में दे चुके हैं: कार्यपालक अभियंता

बोकारो भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता राजकुमार राणा ने बताया कि शंभू सिंह एक भी दिन तेनुघाट कार्यालय नहीं जाते हैं. इसकी जानकारी उन्हें मिली है. वह हर वक्त बोकारो कार्यालय में ही रहते हैं, इसकी जानकारी राज्य मुख्यालय को भेज दी गयी है. अब राज्य मुख्यालय के अधिकारियों को ही उन पर कार्रवाई करनी है.

इसे भी पढ़ें – न्यूज विंग के संपादक को धमकी, कहा – IAS आदित्य रंजन के खिलाफ खबर क्यों लिखी

advt
Advertisement

One Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button