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विधानसभा स्पीकर रविंद्र नाथ महतो कॉमनवेल्थ कार्यक्रम में हिस्सा लेने नहीं गये कनाडा, लंबोदर ने कहा- अब मुझे करना होगा राज्य का प्रतिनिधित्व

Akshay Kumar Jha

Ranchi:  23 अगस्त से लेकर 26 अगस्त तक कनाडा में कॉमनवेल्थ कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए विधानसभा स्पीकर रवींद्र नाथ महतो के अलावा दो और विधायकों के नाम तय किये गये थे. उनमें एक मझगांव से जेएमएम विधायक निलय पूर्ति और गोमिया के आजसू विधायक लंबोदर महतो का नाम तय किया गया था. लेकिन ऐन मौके पर स्पीकर समेत जेएमएम के विधायक निलय पूर्ति ने दौरे पर जाने से मना कर दिया. लेकिन आजसू विधायक लंबोदर महतो कनाडा जाने के लिए दिल्ली रवाना हो गये. खबर लिखते वक्त लंबोदर महतो दिल्ली से कनाडा जाने की तैयारी कर रहे थे. स्पीकर और जेएमएम विधायक निलय पूर्ति के कनाडा न जाने से राजनीतिक गलियारे में तरह-तरह की बातें हो रही हैं. कहा जा रहा है कि सरकार पर आयी मुश्किलों की वजह से स्पीकर और जेएमएम विधायक ने अपना प्रोग्राम कैंसिल कर दिया.

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लंबोदर ने कहा- अब मुझे करना होगा झारखंड का प्रतिनिधितिव

इस मामले पर न्यूज विंग ने लंबोदर महतो से बात की. उन्होंने कहा कि इस बात की जानकारी मुझे है कि स्पीकर और जेएमएम विधायक अब कनाडा नहीं जा रहे हैं. जब लंबोदर महतो से न्यूज विंग संवाददाता की बात हो रही थी तो वो दिल्ली पहुंच चुके थे. कनाडा जाने की तैयारी कर रहे थे. उन्होंने कहा कि अब मुझे अकेले ही कनाडा जाना होगा. और मुझे ही झारखंड का प्रतिनिधितिव करना होगा. हालांकि स्पीकर और जेएमएम विधायक के न जाने की वजह पूछे जाने पर उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया. कहा कि ये उनका अपना निजी मामला है. मेरा कुछ भी कहना उचित नहीं होगा.

स्पीकर रविंद्र नाथ महतो का फोन ऑफ

इस मामले पर न्यूज विंग संवाददाता ने विधानसभा के स्पीकर रविंद्रनाथ महतो से बात करने की कोशिश की. लेकिन लगातार उनका फोन ऑफ आया. हालांकि विधानसभा के पुख्ता सूत्रों ने कहा कि उनकी और उनकी पत्नी की तबियत ठीक नहीं है. इसलिए वो कनाडा नहीं जा रहे हैं. वहीं झारखंड में सूखा होने की दलील भी मीडियावालों के सामने पेश की गयी. लेकिन यहां मामला राजनीति से जुड़ा हुआ ज्यादा लग रहा है. दरअसल जिस दिन तीनों प्रतिनिधियों को कनाडा के लिए निकलना था, उसी दिन दिल्ली निर्वाचन आयोग में सीएम हेमंत सोरेन की आखिरी सुनवाई होनी थी. फैसला कुछ भी आ सकता था. साथ ही राज्य में छिड़े राजनीतिक संकटों का भी हवाला कनाडा न जाने की वजह बतायी जा रही है.

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