JharkhandRanchi

विधानसभा सत्रः दूसरी पाली में शुरुआती नोकझोंक के बाद तीन विधेयक पारित

Ranchi: सदन की दूसरी पाली में शुरुआती नोकझोंक के बाद तीन विधेयकों को पारित करा लिया गया. झारखंड पदों एवं सेवाओं की रिक्तियों में आरक्षण संशोधन विधेयक 2019, झारखंड कारखाना संशोधन विधेयक 2019 और झारखंड राज्य विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक को गुरुवार को पारित कराया गया. झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक में संशोधन के तहत संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना की जायेगी. विश्वविद्यालय का मुख्यालय देवघर में स्थापित किया जायेगा. इससे पहले राज्य में संचालित संस्कृत विश्वविद्यालय की देख रेख विनोबा भावे विश्वविद्यालय के जिम्मे था. इसके अलावा झारखंड पदों एवं सेवाओं में ईडब्ल्यूएस कोटे की दस प्रतिशत सीटों को जोड़ा गया है. जिलावार पिछड़ी जाति का सर्वे कराया जा रहा है. सर्वे रिपोर्ट आने के बाद वस्तुस्थिति देख कर सरकार निर्णय लेगी. विधेयक पर चर्चा के दौरान कई विधायकों ने पिछड़ी जाति और एससी आरक्षण बढ़ाने की मांग की.

इसे भी पढ़ें – हेमंत सोरेन का आरोप : जिस विभाग के मंत्री हैं CM रघुवर दास, उस JBVNL के एमडी राहुल पुरवार कर रहे हैं भ्रष्टाचार

विपक्ष ने कहा- माफी मांगें मंत्री सीपी सिंह

सदन की दूसरी पाली की शुरुआत में ही प्रो स्टीफन मरांडी ने मंत्री सीपी सिंह द्वारा की गयी व्यक्तिगत टिप्पणी के लिए माफी की मांग की. उन्होंने कहा कि सीपी सिंह ने कहा है कि हेमंत ने अपने बाप को हरवा दिया. प्रो स्टीफन मरांडी ने कहा कि हमने इतनी लंबी संसदीय परंपरा देखी है, ऐसी व्यक्तिगत टिप्पणी कभी नहीं होती. गुरुजी हमारे हैं, मंत्री सीपी सिंह को माफी मांगनी चाहिए. इस पर सीपी सिंह ने कहा कि अगर मैंने बाप शब्द का इस्तेमाल किया होगा, तो मैं माफी मांग लूंगा. गुरुजी पर किसी का कॉपीराइट नहीं है. गुरुजी सबके हैं. मेरी तकलीफ है कि गुरुजी हार गये, उन्हें हरवा दिया गया.

advt

इसे भी पढ़ें – निगम की लापरवाही के कारण हुई फलक की मौत, दोषियों पर होगी कार्रवाई : सीपी सिंह

विधायकों को सूचना देने लिए दिया गया अतिरिक्त समय

दूसरी पाली की कार्यवाही में सिर्फ तीन विधेयकों को पारित कराया जाना था. विधेयकों के बाद आज सदन बाधित रहने और विधायकों के सवाल नहीं आने के कारण सवाल रखने के लिए विधायकों को अतिरिक्त समय दिया गया. जिसमें कई विधायकों ने अपनी बातों को रखा. भानू प्रताप शाही ने गढ़वा में बिजली की परेशानी की बात सामने रखी. उन्होंने कहा कि एक तो बिजली की इतनी परेशानी है, ऊपर से रेलवे को भी इसी ग्रिड से बिजली दी जा रही है. रेलवे को हटिया ग्रिड से बिजली देने से गढ़वा में बिजली की दिक्कत दूर हो सकती है.

इसे भी पढ़ें –सदन में कुछ ऐसे विधायक हैं जिनकी बातों से सबको कष्ट होता है, मुझे भीः स्पीकर

adv
advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button