न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

विधानसभा चुनाव : एससी-एसटी सीटों पर कांग्रेस पड़ी भारी, भाजपा से आधी छीन ली

मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों पर नजर डालें तो अनूसूचित जाति और जनजाति के लिए आरक्षित सीटों पर भाजपा अच़्छा खासा नुकसान झेल रही है.

23

NewDelhi : मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों पर नजर डालें तो अनूसूचित जाति और जनजाति के लिए आरक्षित सीटों पर भाजपा अच़्छा खासा नुकसान झेल रही है. इसके उलट  इन आरक्षित सीटों पर चुने गये प्रतिनिधियों में कांग्रेस की संख़्या दोगुनी होने की जा रही है. इसका मतलब यह  कांग्रेस के लिए सकारात्मक खबर हैं. बड़ी खबर यह है कि इन राज्यों में 2013 के मुकाबले भाजपा की हिस्सेदारी इन सीटों पर घटकर आधी रह जायेगी. देर रात के रुझानों के अनुसार इन तीन राज्यों में एससी-एसटी के लिए आरक्षित 181 सीटों में कांग्रेस 108 पर बढ़त हासिल थी. 2013 के 42 सीटों के मुकाबले यह दोगुने से भी ज्यादा है.  भाजपा महज 59 सीटों पर आगे रही. इन आरक्षित सीटों पर भाजपा के कुल 128 प्रतिनिधियों के मुकाबले यह संख्या करीब आधी है. दो राज्यों में भाजपा के सीट शेयर में भी बड़ा नुकसान होता नजर आ रहा है.

समुदाय के अंदर जमीनी तौर पर फैले असंतोष का खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ा

राजस्थान की बात करें तो यहां कुल 33 एससी आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा  के 31 विधायक थे. यह हिस्सेदारी अब घटकर महज एक तिहाई यानी 10 रह गयी है. वहीं, कांग्रेस का इन सीटों पर एक भी विधायक नहीं था. आखिरी ट्रेंड्स के अनुसार पार्टी 20 एससी सीटों पर आगे थी. यही हाल एमपी का भी है. एसी आरक्षित सीटों पर अभी तक कांग्रेस के चार विधायक थे. अब यहां कांग्रेस के एससी विधायकों की संख्या बढ़कर चार गुनी हो सकती है.  भारिप बहुजन महासंघ के नेता प्रकाश अंबेडकर के अनुसार अनुसूचित जाति के मतदाताओं ने एमपी और राजस्थान में पूरी तरह भाजपा के खिलाफ जाते हुए कांग्रेस को वोट दिया.  अंबेडकर के अनुसार भले ही पीएम नरेंद्र मोदी अपने भाषणों में अंबेडकर का जिक्र करते हुए दलित वोटों को जाने से रोकने की कोशिश की, लेकिन समुदाय के अंदर जमीनी तौर पर फैले असंतोष का खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ा. दलित अधिकारों से जुड़ी संस्थाओं के अनुसार एससी-एसटी सीटों पर भाजपा को हुए इस तगड़े नुकसान की एक वजह केंद्र और राज्य में भाजपा सरकारों द्वारा इस साल दो अप्रैल को आयोजित भारत बंद को हैंडल करने का तरीका रहा.

 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: