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#Assembly Elections : बोकारो के सीटिंग MLA बिरंची को पूर्व जिला अध्यक्षों से मिल रही है कड़ी टक्कर

Ranchi/Bokaro:  बोकारो विधानसभा सीट को बीजेपी एक सुरक्षित सीट के तौर पर देखती है. 2014 के मोदी लहर के दौरान हुए विधानसभा चुनाव में बिरंची नारायण प्रदेश भर में सबसे ज्यादा वोटों से जीतने वाले युवा विधायक बने. उन्होंने दिग्गज नेता समरेश सिंह को 72,643 वोट से हराया.

इस बार के चुनावी दंगल की पारी लगभग शुरू हो चुकी है. विरोध और सपोर्ट मिलना शुरू हो गया है. टिकट मिलने से पहले बीजेपी सूत्रों का कहना है कि बोकारो विधानसभा के लिए तीन बार पार्टी की तरफ से सर्वे हो चुका है.

सर्वे मौजूदा विधायक के पक्ष में या विपक्ष में क्लियर नहीं है. लेकिन यह भी है कि किसी को भी उस विधानसभा से टिकट बहुत ही आसानी से मिल जाये, ऐसा संभव नहीं. लिहाजा बिरंची नारायण के अलावा दूसरे दावेदार पूरी शिद्दत से टिकट उड़ाने की जुगत में हैं. बिरंची नारायण को चुनौती उनकी पार्टी के पुराने जिलाध्यक्षों से मिल रही है.

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चार नाम हैं रेस में

बोकारो विधानसभा से बीजेपी की तरफ से चार नाम रेस में हैं. इनमें से सबसे पहला नाम मौजूदा विधायक बिरंची नारायण का है. शॉर्टलिस्ट हुए लिस्ट में और जो तीन नाम हैं, उनमें से दो पूर्व जिलाध्यक्ष हैं. बोकारो बीजेपी के जाने माने नाम हैं, राजेंद्र महतो.

राजेंद्र महतो बिहार के वक्त में ही बोकारो जिला के बीजेपी जिलाध्यक्ष थे. बीजेपी के पुराने लोगों से इनकी काफी अच्छी बनती है. कहा जा रहा है कि विधानसभा चुनाव के झारखंड प्रदेश प्रभारी ओम माथुर से पुरानी से पुरानी जान पहचान का फायदा उन्हें मिल सकता है. राजेंद्र महतो हमेशा से राजनीति में सक्रिय रहे हैं. हाल ही में कर्मा पूजा के अवसर पर इन्होंने पांच जगह कर्मा जावा महोत्सव कराया था.

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दूसरे पूर्व जिलाध्यक्ष जो बिरंची नारायण के लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं, वो हैं रोहित लाल सिंह. रोहित लाल सिंह बोकारो के लिए बीजेपी के काफी पुराने और जाने माने नेता हैं. इससे पहले होने वाले गोमिया उपचुनाव और लोकसभा चुनाव में बोकारो क्षेत्र में इन्होंने काफी अच्छा काम किया है.

हमेशा ही राजनीति में सक्रिय रहते हैं. इन्होंने भी इस बार टिकट के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है. इस बार का चुनाव इनके राजनीतिक जीवन के लिए काफी अहम माना जा रहा है.

तीसरा नाम जिनका आ रहा है, उनके बारे में कहा जा रहा है कि उनकी बीजेपी के केंद्रीय नेताओं के साथ काफी अच्छी बनती है. बोकारो से पुराना नाता है. लेकिन फिलहाल दिल्ली में ही व्यवसाय करते हैं. नाम है राजीव प्रताप सिन्हा. बताया जा रहा है कि इनके पिता बोकारो में किसी सरकारी पद पर थे. इन्हें एक पैराशूट नेता कहा जा सकता है.

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