Crime News

गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव हत्याकांड में शामिल शूटर राज सिंह की हत्या,  प्रतिशोध में हत्या का शक, अमन श्रीवास्तव का हाथ

विज्ञापन

Ranchi : गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव हत्याकांड में शामिल शूटर राज सिंह की सिर काट कर हत्या कर दी गयी. मिली जानकारी के अनुसार बिहार के गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र स्थित गया-पटना मार्ग के फतेहपुर ट्यूबवेल के समीप बोरे में बंद एक शव बरामद किया गया था.

बताया जा रहा है की वह शव गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव हत्याकांड में शामिल शूटर राजसिंह का है. हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पायी है. राज सिंह यूपी के गोरखपुर के बेलाटांड़ का रहनेवाला बताया जाता है. इसका हमेशा बिहार से ताल्लुकात रहा है. गया और पटना के अपराधियों के संपर्क में यह रहता था.

इसे भी पढ़ें – नारायणमूर्ति व गडकरी के बयान बता रहे, कंगाली के दरवाजे पर खड़ा है देश

advt

हजारीबाग कोर्ट में सुशील श्रीवास्तव हत्याकांड की बात कागज के टुकड़े पर लिखी थी

मृतक व्यक्ति की पॉकेट से एक कागज का टुकड़ा मिला है. इसमें हजारीबाग कोर्ट में सुशील श्रीवास्तव हत्याकांड की बात की गयी है. अमन श्रीवास्तव के नाम से लिखे कागज के टुकड़े में कहा गया है कि हजारीबाग कोर्ट में डॉन सुशील श्रीवास्तव की हत्या के शूटर से लेकर सेटर तक को ढूंढ़ कर यही हाल किया जायेगा. बताया जा रहा है कि यूपी के गोरखपुर के शूटर राज सिंह की हत्या गैंगवार और वर्चस्व को लेकर हुई है. अमन श्रीवास्तव के इशारे पर वारदात को अंजाम दिये जाने की बात सामने आ रही है.

इसे भी पढ़ें – झारखंड के चार पुलिस अधिकारी 15 अगस्त को राष्ट्रपति से होंगे सम्मानित, दो राज्य में और दो सीबीआइ में दे रहे सेवा

दो शूटर प्रदीप पासवान और राज सिंह को सुपारी दी गयी थी

हजारीबाग कोर्ट परिसर में 2 जून 2015 को हुई गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव सहित तीन अपराधियों की हत्या में विकास तिवारी ने गोरखपुर (यूपी) के दो शूटर प्रदीप पासवान और राज सिंह को सुपारी थी दी. घटना में प्रयुक्त एके-47 को तिवारी ने गोरखपुर के कुख्यात प्रदीप पासवान को उपलब्ध कराया था. वहीं गोरखपुर के ही शूटर राज सिंह को 30 लाख रुपये दिये थे. दिल्ली में गिरफ्तार विकास तिवारी ने यह खुलासा पुलिस की पूछताछ में किया था. विकास तिवारी ने बताया था कि तय समय पर पासवान के साथ शूटर राज सिंह हजारीबाग पहुंच विकास के गुर्गों के साथ घटना को अंजाम दे फरार हो गया था. बाद में वह भी फरार हो कोलकाता, असम, बिहार, यूपी के रास्ते दिल्ली चला गया था. गौरतलब है की श्रीवास्तव गिरोह के सरगना सुशील श्रीवास्तव को 2 जून 2015 को दस बजे दिन में कोर्ट परिसर में हीं एके 47 से गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी. जिसमें सुशील श्रीवास्तव के दो बॉडी गार्ड भी मारे गये थे. इस कांड में प्रतिद्वंदी पांडेय गिरोह के सरगना विकास तिवारी व उसके गुर्गों के विरुद्ध हजारीबाग सदर थाना में कांड दर्ज किया गया था.

इसे भी पढ़ें – Palamu : टीएसपीसी के जोनल कमांडर की टोह लेने गयी पुलिस-जगुआर के साथ मनातू में मुठभेड़

adv
advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button