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 असम का टाकमारी गांव घुसपैठियों के लिए स्वर्ग, मवेशी तस्करों को ब्रह्मपुत्र नदी का सहारा

असम के एनआरसी ड्राफ्ट में 40 लाख लोगों के नाम शामिल नहीं होने को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष में घमासान मचा हुआ है

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NewDelhi : असम के एनआरसी ड्राफ्ट में 40 लाख लोगों के नाम शामिल नहीं होने को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष में घमासान मचा हुआ है. इन 40 लाख लोगों की नागरिकता पर प्रश्न चिन्ह खड़े हो गये हैं. यह 2019 लोकसभा चुनाव में मुद़दा बनने जा रहा है. गृहमंत्री राजनाथ सिंह द्वारा स्पष्ट कर दिये जाने के बाद भी कि यह फाइनल लिस्ट नहीं है, इसमें और सुधार किया जायेगा, विपक्ष का भाजपा पर हमला जारी है. ऐसे में असम में  घुसपैठ से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दिख रहा है कि बांग्लादेशी भारत में किस तरह से घुस रहे हैं. इंडिया टीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, 16 मिनट के वीडियो में दिखाया गया है कि असम से सटे भारत-बांग्लादेश बार्डर पर किन इलाकों से बांग्लादेशी भारत में घुसपैठ कर रहे हैं और बार्डर की स्थिति क्या है.

सुप्रीम कोर्ट ने एक सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया था

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने असम में घुसपैठ का स्थिति का पता लगाने के लिए एक सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया था. कहा गया कि भारत और असम के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा 4000 किलोमीटर की है, लेकिन असम से लगने वाली यह सीमा 272 किलोमीटर की है, जिसमें 95 किलोमीटर सीमा नदी की है. यहां सुरक्षा की जिम्मेदारी बीएसएफ संभालती है. रिपोर्ट में बार्डर पर स्थित असम के टाकमारी गांव का जिक्र किया गया है.  बीएसएफ अधिकारी के अनुसार टाकमारी गांव की दूरी बार्डर से महज 20 से 30 मीटर है. यहां एक तरफ भारतीयों के घर है तो दूसरी ओर बांग्लादेशियों के घर. यहां किसी तरह की घेराबंदी नहीं की गई है. इस गांव में काफी संख्या में लोग रहते हैं. यहां से काफी घुसपैठ होती है. यह घुसपैठ के लिहाज से काफी संवेदनशील है.

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बांग्लादेशी असम में जमीन खरीद सकता है, यहां से चुनाव भी लड़ सकता है

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यदि कभी संदिग्ध लोगों का पीछा करते किसी घर में घुस जाते हैं तो गांववाले सेना के उपर ही गंभीर आरोप लगाने लगते हैं. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि असम की जनसंख्या तेजी से बढ़ी है. यहां अचानक कई परिवारों के नाम वोटर लिस्ट में जोड़े गये. साथ ही रिपोर्ट में मवेशी हाट की बात कही गयी है. इसे बार्डर से कम से कम 20 किलोमीटर दूर लगाने और बार्डर पर स्थित गांव को फेंसिग से रिलोकेट करने की बात कही गयी है. रिपोर्ट में दर्ज है कि एक बांग्लादेशी पासपोर्ट धारक न सिर्फ आसानी से असम में जमीन खरीद सकता है, बल्कि यहां से चुनाव भी लड़ सकता है. कई जगह बार्डर खुला हुआ है.

कई जगह मवेशियों के सहारे घुसपैठ की जाती है. असम से बांग्लादेश तक बह रही ब्रह्मपुत्र नदी की एक सीमा भारत में और दूसरी सीमा बांग्लादेश से लगती है. यह जगह भारत में घुसपैठ के लिए मुफीद मानी जती है. मवेशी तस्करों का यह स्वर्ग है.

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