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असम : नागरिकता साबित नहीं करने वाले देश में नहीं रह पायेंगे : राम माधव

दुनिया का कोई भी देश अवैध प्रवासियों को बर्दाश्त नहीं करता, लेकिन भारत राजनीतिक कारणों से अवैध प्रवासियों के लिए धर्मशाला बन गया है.

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 NewDelhi : भाजपा महासचिव राम माधव ने कहा कि जिन लोगों के नाम असम की एनआरसी लिस्ट से काट दिये गये हैं, उन्हें वापस उनके देश भेज दिया जायेगा. दुनिया का कोई भी देश अवैध प्रवासियों को बर्दाश्त नहीं करता, लेकिन भारत राजनीतिक कारणों से अवैध प्रवासियों के लिए धर्मशाला बन गया है. राम माधव एनआरसी: डिफेंडिंग दि बॉर्डर्स, सेक्युरिंग दि कल्चर विषय पर आयोजित सेमिनार में सोमवार को बोल रहे थे. हालांकि सेमिनार में मौजूद असम के मुख्यमंत्री सर्बानंदा सोनोवाल ने कहा कि एनआरसी को भारत के अंदर ही लागू किया जायेगा. इस क्रम में सोनोवाल ने कहा कि भारत के वास्तविक नागरिकों को उनकी नागरिकता साबित करने का पूरा मौका मिलेगा. नागरिकता साबित हो जाने के बाद उनके नाम एनआरसी के फाइनल लिस्ट में शामिल किये जायेंगे.

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एनआरसी सभी राज्यों में लागू किया जाना चाहिए : सोनोवाल

 सोनोवाल के अनुसार एनआरसी सभी राज्यों में लागू किया जाना चाहिए. कहा कि यह ऐसा दस्तावेज है जो भारतीयों की सुरक्षा के लिए बना है. रामभाऊ म्हलगी प्रबोधिनी नाम के थिंक-टैंक द्वारा आयोजित सेमिनार में सोनोवाल ने कहा, एनआरसी सभी राज्यों में हेाना चाहिए. यह ऐसा दस्तावेज है जो सभी भारतीयों का संरक्षण प्रदान सकता है. असम में एनआरसी में शामिल नहीं किये जाने वाले लोग अन्य राज्यों में जा सकते हैं . इसलिए हमें ठोस कदम उठाना होगा.  बता दें कि असम में रहने वाले कम से कम 40 लाख से ज्यादा लोगों को 30 जुलाई को जारी एनआरसी सूची से बाहर कर दिया गया है. इस मुद्दे पर देश में राजनीतिेक बावेला मचा था.

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एनआरसी से अवैध प्रवासियों की पहचान सुनिश्चित हो सकेगी

सेमिनार में राम माधव ने कहा कि 1985 में हस्ताक्षरित असम एकॉर्ड के आलोक में एनआरसी शुरू किया गया . इसका मकसद अवैध अप्रवासियों की पहचान कर उन्हें राज्य से वापस भेजना था.  उन्होंने कहा, एनआरसी से सभी अवैध प्रवासियों की पहचान सुनिश्चित हो सकेगी. अगल कदम के तहत अवैध प्रवासियों के नाम मतदाता सूची से हटा दिये जायेंगे. उन्हें सभी सरकारी लाभों से वंचित कर दिया जायेगा.  

अवैध प्रवासियों को देश से बाहर निकाले जाने पर भारत को अंतरराष्ट्रीय आलोचना का सामना करने की स्थिति दिखाने वालें पर हमलावर होते हुए राम माधव ने कहा कि बांग्लादेश भी म्यामांर के साथ सक्रिय बातचीत कर रहा है ताकि लाखों रोंहिग्या लोगों को वहां से बाहर निकाला जा सके. म्यामांर में अत्याचार का शिकार होने के बाद लाखों रोंहिग्या मुसलमानों ने बांग्लादेश में शरण ले रखी है.  

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