National

#AssamNRC : #CJI रंजन गोगोई ने कहा, यह भविष्य का दस्तावेज, मीडिया संस्थानों की गैर जिम्मेदाराना रिपोर्टिंग से स्थिति खराब हुई

NewDelhi :  CJI रंजन गोगोई  ने Assam NRC का बचाव करते हुए कहा है कि एनआरसी मौजूदा समय का दस्तावेज नहीं है. 19 लाख और 40 लाख मुद्दा नहीं है. एनआरसी भविष्य पर आधारित दस्तावेज  है.

उन्होंने कहा कि हम इस दस्तावेज के जरिये भविष्य  में होने वाले दावों पर निर्णय ले सकते हैं. जान लें कि एनआरसी 24 मार्च, 1971 या उससे पहले से असम में रहने वाले वास्तविक भारतीय नागरिकों (Indian Citizens) की पहचान करने के लिए बनाया जा रहा है.

इसे भी पढ़ें : Upcoming #CJI Sharad Bobde ने कहा , #SocialMedia पर न्यायाधीशों की आलोचना मानहानि का अपराध  है

Catalyst IAS
ram janam hospital
The Royal’s
Pitambara
Pushpanjali
Sanjeevani

अवैध प्रवासियों या घुसपैठियों की संख्या का पता लगाना बेहद जरूरी था.

पोस्ट कोलोनियल असम नामक पुस्तक के लॉन्चिंग समारोह में सीजेआई रंजन गोगोई ने रविवार को कहा कि अवैध प्रवासियों या घुसपैठियों की संख्या का पता लगाना बेहद जरूरी था. एनआरसी के जरिये कुछ ऐसा ही किया गया है. ना कुछ अधिक, ना कुछ कम. इस क्रम में . CJI ने एनआरसी मुद्दे पर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों की ओर से फैलाई जा रही गलत बातों पर भी पक्ष रखा.

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि कुछ मीडिया संस्थानों की गैर जिम्मेदाराना रिपोर्टिंग से स्थिति और खराब हो गयी. कुछ हद तक अवैध प्रवासियों की संख्या का पता लगाने की तत्काल आवश्यकता थी, जो कि एनआरसी की मौजूदा कोशिश थी, न कम और न ज्यादा.

इसे भी पढ़ें : #WhatsAppScandal : #Congress ने आरोप लगाया, Priyanka Gandhi का भी फोन हुआ था हैक,  मोदी सरकार से 5 सवाल पूछे

सोशल मीडिया का इस्तेमाल इस मुद्दे पर गलत बातें फैलाने के लिए किया जा रहा है.

कहा कि कई लोगों की ओर से सोशल मीडिया का इस्तेमाल इस मुद्दे पर गलत बातें फैलाने के लिए किया जा रहा है. इस पर निंदात्मक बातें की जा रही हैं. बता दें कि 31 अगस्त को जारी असम एनआरसी की अंतिम सूची में 19,06,657 लोग बाहर किये गये हैं. जबकि 3,11,21,004 लोग एनआरसी में शामिल किये गये हैं. असम के एनआरसी में शामिल नहीं होने वाले लोग 31 अगस्त से 120 दिन तक अपनी नागरिकता साबित करने के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए 200 नये फॉरनर्स ट्रिब्‍यूनल (foreigners Tribunal) बनाये गये हैं

विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया था कि एनआरसी की अंतिम सूची में शामिल नहीं किये गये असम के नागरिकों के अधिकारों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. अंतिम सूची से बाहर हुए लोगों को हिरासत में नहीं लिया जाएगा. कानून के तहत उपलब्ध सभी उपायों का इस्तेमाल करने तक उनके अधिकार पहले की तरह बरकरार रहेंगे.

इसे भी पढ़ें :  पिछले पांच साल में 26 #PublicSectorBanks की 3,427 बैंक शाखाओं का #Existence प्रभावित : आरटीआई

 

Related Articles

Back to top button