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असम : एनआरसी में दावा पेश नहीं किया, 30 लाख लोग मताधिकार से हो सकते हैं वंचित

रेकॉर्ड के अनुसार इन 30 लाख लोगों ने अभी तक एनआरसी लिस्ट में शामिल होने के लिए अपने दावा पेश नहीं नहीं किया है.

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Guwahati : असम में लगभग 30 लाख लोग, जिनके नाम एनआरसी में शामिल नहीं है, वे वोट देने से वंचित हो सकते हैं. उन्हें मताधिकार से हाथ धोना पड़ सकता है.  रेकॉर्ड के अनुसार इन 30 लाख लोगों ने अभी तक एनआरसी लिस्ट में शामिल होने के लिए अपना  दावा पेश नहीं नहीं किया है. खबरों के अनुसार 40 लाख लोगों में से केवल 10 लाख लोगों ने ही अपना दावा अभी तक पेश किया है.  बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि एनआरसी को नागरिकता के सबूत के रूप में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.  लेकिन सरकार का यह दृष्टिकोण चुनाव आयोग से मतभेद रखता है जिसका मानना है कि जिन लोगों का नाम सूची में शामिल नहीं है उन्हें वोट देने से वंचित नहीं किया जा सकेगा.

एनआरसी में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की प्रक्रिया 15 दिसंबर तक

जान लें कि एनआरसी में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की प्रक्रिया 15 दिसंबर तक चलेगी. इसके कुछ दिनों बाद अंतिम सूची जारी होगी. राज्य में एनआरसी मसौदे में 40 लाख लोगों के नाम नहीं थे. दोबारा मौका मिलने पर अभी तक लगभग 10 लाख लोगों ने आवेदन किया है.  जानकारी के अनुसार इन लोगों ने भारत का नागरिक होने के संबंध में डॉक्युमेंट जमा किये हैं.  एक अधिकारी के अनुसार अगर कोई व्यक्ति भारतीय नागरिकता से संबंधित दस्तावेज पेश नहीं करता है तो उसे  मताधिकार से वंचित करना  पहला संभावित कदम हो सकता है.  हालांकि इस संबंध में अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट को करना है.  एक अन्य अधिकारी के अनुसार सभी को भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान किये गये हैं.  इस क्रम में एनआरसी के राज्य समन्वयक कार्यालय द्वारा कहा गया है कि दावा पेश करने के दौरान वैसे डॉक्युमेंट स्वीकार नहीं किये जायेगे, जो सूची में शामिल नहीं हैं

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