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एशियन गेम्सः बोपन्ना-शरण ने टेनिस मेंस डबल्स में आठ साल बाद दिलाया गोल्ड

छठे दिन अबतक दो गोल्ड मेडल

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Palembang: एशियन गेम्स के छठे दिन भारत की झोली में दूसरा गोल्ड आया है. भारत के अनुभवी टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना और दिविज शरण की जोड़ी ने भारत को स्वर्ण पदक दिलाया.

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बोपन्ना और शरण की जोड़ी ने पुरुष युगल वर्ग के फाइनल में खिताबी जीत हासिल करने के साथ ही स्वर्ण पदक अपने नाम किया. बोपन्ना और शरण ने कजाखस्तान के अलेक्जेंदर बबलिक और डेनिस येवसेयेव को 52 मिनट में 6.3, 6. 4 से हराया.

शुरुआत में ही भारत ने बढ़ायी बढ़त

मैच में 20 मिनट के भीतर भारतीय टीम ने 4.1 से बढ़त बना ली थी. इसके बाद बढ़त 5.3 की हो गई और बोपन्ना की सर्विस पर भारत ने पहला सेट जीता. कजाख खिलाड़ियों ने कई गलतियां की . दूसरी ओर बोपन्ना और शरण के बीच गजब का तालमेल देखने को मिला. बोपन्ना ने बेसलाइन से शानदार खेल दिखाया और अच्छे विनर लगाये.

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दूसरे सेट में कजाख टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया लेकिन सहज गलतियों पर काबू नहीं पा सके. उन्होंने पांचवें गेम में डबल फाल्ट भी किया जिसका खामियाजा भुगतना पड़ा. कजाख टीम के पास रफ्तार थी तो भारतीयों के पास अनुभव. एक समय स्कोर 3. 3 था. लेकिन बोपन्ना और शरण ने 5.3 की बढ़त बना ली. इसके बाद भारतीयों ने शानदार प्रदर्शन बरकरार रखते हुए सेट और मैच जीत लिया.

मौजूदा खेलों में टेनिस में यह भारत का पहला स्वर्ण है. इससे पहले सोमदेव देववर्मन और सनम सिंह ने 2010 में ग्वांग्झू में पीला तमगा जीता था. महेश भूपति और लिएंडर पेस ने 2002 और 2006 खेलों में स्वर्ण अपने नाम किया था. पेस ने इस बार अपना पसंदीदा जोड़ीदार नहीं मिलने के कारण ऐन मौके पर खेलों से नाम वापिस ले लिया था. साकेत माइनेनी और सनम ने 2014 में रजत पदक जीता था .

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