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आशुतोष के बाद अब आशीष खेतान ने भी छोड़ा ‘आप’ का साथ

New Delhi : आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता आशुतोष के बाद अब आशीष खेतान ने भी खुद को सक्रिय राजनीति से अलग कर लिया है. दोनों ही नेताओं ने इसके लिए ‘निजी कारणों’ को जिम्मेदार ठहराया है. खेतान ने बुधवार को कहा कि वह वकालत के पेशे पर ध्यान केन्द्रित करना चाहते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वजह से उन्हें सक्रिय राजनीति से अलग रहना पड़ेगा. 

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दिल्ली सीट से बतौर आप उम्मीदवार चुनाव लड़ चुके हैं खेतान

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उल्लेखनीय है कि पिछले लोकसभा चुनाव में आशुतोष ने दिल्ली की चांदनी चौक और खेतान ने नयी दिल्ली सीट से बतौर आप उम्मीदवार चुनाव लड़ा था. आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर पार्टी द्वारा पांच सीटों के लिये चयनित प्रभारियों में इन दोनों का नाम शामिल नहीं किये जाने को भी इनकी नाराजगी की वजह बताया जा रहा है.

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खेतान ने इस्तीफा देने को लेकर किया ट्वीट

खेतान ने पार्टी से इस्तीफा देने संबंधी मीडिया में आई खबरों के बारे में स्पष्टीकरण देते हुये ट्वीट कर कहा कि मैंने वकालत शुरू करने के लिये ही गत अप्रैल में दिल्ली संवाद आयोग (डीडीसी) के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने सिर्फ इसी एक वजह को हकीकत बताते हुये कहा कि बाकी सब अफवाह है. इन अफवाहों में उनकी कोई रुचि नहीं है.

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आशुतोष ने भी निजी कारण बताते हुए दिया इस्तीफा

इससे पहले 15 अगस्त को ही आशुतोष ने भी ‘निजी कारण’ बताते हुये पार्टी से इस्तीफा दे दिया था. हालांकि उसी दिन आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आशुतोष के इस फैसले से असहमति जताते हुये कहा था कि उन्हें पार्ट से अलग नहीं होने के लिये मना लिया जायेगा.

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पीएसी लेगी नेताओं के इस्तीफे पर अंतिम फैसला

केजरीवाल की अध्यक्षता वाली पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) इन नेताओं के इस्तीफे पर अंतिम फैसला करेगी. केजरीवाल के एक सहयोगी ने बताया कि हाल ही में हुयी पीएसी की बैठक में इस बारे में कोई फैसला नहीं हुआ. हालांकि उन्होंने दोनों नेताओं की निजी कारणों की दलील से सहमति जताते हुये कहा कि संगठन के लिये सक्रिय तौर पर काम नहीं कर पाने की इनकी मजबूरी को समझते हुये पार्टी नेतृत्व दोनों नेताओं से आप से अलग होने के बजाय पार्टी से जुड़े रहने की अपील कर सकता है.

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