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कचरा दिखते ही आरएमएसडब्ल्यू पर भड़के अपर नगर आयुक्त, कहा सफाई पर दें विशेष तरजीह

12 टीमों ने लिया विभिन्न वार्डों में साफ-सफाई का जायजा

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Ranchi : स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 की तैयारी का जायजा लेने पहुंचे निगम की टीम को लोगों के नाराजगी का सामना करना पड़ा. हरमू बाइपास स्थित वार्डों के निरीक्षण में पहुंचे अपर नगर आयुक्त गिरिजा शंकर प्रसाद को मोहल्लेवासियों ने बताया कि डोर-टू-डोर कचरे का उठाव हो ही नहीं रहा हैं. इसके कारण मजबूरन लोगों को मोहल्ले के चौक-चौराहों पर कचरा फेंकना पड़ रहा है. वहीं चौक-चौराहों पर पड़ी कूड़े-कचरे को उठाने में निगम कर्मी पूरी तरह विफल साबित हुए हैं.

मालूम हो कि अपर नगर आयुक्त के निर्देश पर निगम की 12 टीम सोमवार को विभिन्न वार्डों के सफाई निरीक्षण दौरे पर थी. इसमें अपर नगर आयुक्त गिरिजा शंकर प्रसाद, सहायक स्वास्थ्य पदाधिकारी किरण कुमारी, सिटी मैनेजर सौरभ वर्मा, आरएमएसडब्ल्यू के पदाधिकारियों के नेतृत्व में टीम ने हरमू पाइपास समेत विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया.

सफाई व्यवस्था शत-प्रतिशत सुनिश्चित करें : आरएमएसडब्‍लू

हरमू बाइपास पहुंचे अपर नगर आयुक्त ने जैसे ही चौक-चौराहों पर की स्थिति को देखा, तो आरएमएसडब्‍लू के पदाधिकारियों पर सड़क पर ही बरस गये. उन्होंने निर्देश दिया कि मोहल्ले में डोर-टू-डोर सफाई व्यवस्था शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए. कहा कि कंपनी की मॉनिटरिंग काफी कमजोर है. जिसके कारण सफाई व्यवस्था दयनीय हो गयी है. साथ ही सफाई कंपनी एस्सल इंफ्रा द्वारा वार्ड में जितने लेबर प्रत्येक दिन लगाना चाहिए था, उतना नहीं लगाया जाता है. जिसके कारण वार्ड की सफाई नहीं होती है.

वार्ड में झाडू भी नहीं लग रहा है. ब्लीचिंग का छिड़काव भी नहीं हो रहा है. गीला-सूखा कचरा के उठाव में भी काफी अनियमितता बरती जा रही है. कई सफाई वाहन खराब पड़े हैं. उसे भी दुरुस्त कराने में कंपनी फेल है. उन्होंने कंपनी के कार्यशौली पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि कंपनी अपनी कार्यशैली में सुधार लाए वर्ना कंपनी को डिब्बार कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि अधिकांश सफाई वाहनों में स्वच्छता के गीत बजा करते थे, लेकिन सभी बंद हो चुके है, कंपनी जल्द दुरुस्त करें.

कंपनी के कारण निगम की हो रही बदनामी : सिटी मैनेजर

विभिन्न वार्डों में बनी 12 टीम को नेतृत्व करने वाले सिटी मैनेजरों ने बताया कि सफाई कंपनी एस्सल इंफ्रा के कारण नगर निगम की छवि धूमिल हो रही हैं. कंपनी साफ-सफाई के मामले में घोर लापरवाही बरत रही है. कंपनी के कारण ही नगर निगम बदनाम है.

वार्ड में टीम ने किया निरीक्षण

निगम के बनाये 12 टीम में ने विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया. इन टीमों का निरीक्षण खुद अपर नगर आयुक्त कर रहे थे. टीम का नेतृत्व करने वाले वाले सिटी मैनेजर थे.

  • टीम एक में वार्ड 28, 29, 30 का निरीक्षण सिटी मैनेजर संदीप कुमार
  • टीम दो में वार्ड 1, 2, 3 का निरीक्षण सिटी मैनेजर अंबुल सिंह
  • टीम तीन में वार्ड 4, 5, 6 का निरीक्षण सिटी मैनेजर गौतम कुमार
  • टीम चार में वार्ड 7, 8, 9 का निरीक्षण बिजेंद्र कुमार सिंह
  • टीम पांच में वार्ड 11, 12, 13 का निरीक्षण सिटी मैनेजर मो अयाज
  • टीम छह में वार्ड 14, 15, 47 का निरीक्षण सहायक अभियंता बिरेंद्र कुमार
  • टीम सात में वार्ड 16, 17, 10 का निरीक्षण सीएमएम विकास कुमार
  • टीम आठ में वार्ड 18, 19, 20 का निरीक्षण निर्मल कुमार दास
  • टीम नौ में वार्ड 21, 22, 23 का निरीक्षण अमित कुमार
  • टीम दस में वार्ड 24, 25, 26 का निरीक्षण श्रीकांत सिन्हा
  • टीम ग्यारह में वार्ड 27, 31, 26 का निरीक्षण सौरभ कुमार केशरी

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