Crime NewsJharkhandNEWSRanchi

जैसे ही टूटा लॉकडाउन, लॉक टूटने की वारदातें भी तेजी से बढ़ती गईं

लॉकडाउन में भी दुष्कर्म की घटनाएं भी बेतहाशा बढ़ती रही नक्सली भी लगातार दर्ज करा रहे हैं अपनी उपस्थिति

Anuj tiwary

Ranchi: लॉकडाउन टूटने के साथ ही राज्य में क्राईम का ग्राफ बढ़ता जा रहा है. इसमें नक्सल के साथ-साथ सबसे अधिक चोरी की घटनाओं की रफ्तार दो गुना तक बढ़ रही है. लॉकडाउन के वक्त मार्च माह में चोरी की 789 घटनाएं हुई थीं. इन पर मामलों में एफआईआर भी दर्ज की गई. वहीं लॉकडाउन खत्म होने के बाद सिर्फ सितंबर में यह आंकड़ा 1100 के करीब पहुंच गया. इस माह नवंबर में भी घटनाओं में कोई कमी नहीं दिख रही है.

सितंबर में 25 नक्सली वारदातों के केस विभिन्न थानों में हुए दर्ज

पुलिस मुख्यालय की रिपोर्ट के अनुसार अपराध की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसमें सिर्फ चोरी ही नहीं, बल्कि नक्सल वारदातें भी बढ़ी हैं. मार्च में करीब 18 नक्सल केस दर्ज किये गये थे. इसके बाद लॉकडाउन में भी इनकी संख्या बढ़ती रही. मई व जून में 65 नक्सल घटनाओं को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई. जबकि इस वक्त पूरी तरह से लॉकडाउन किया गया था. अगस्त में भी नक्सली वारदातों के 32 केस और सितंबर में 25 नक्सल केस विभिन्न थानों में दर्ज किया गया है.

इसे भी पढ़ें :आज रात एक विशालकाय उल्कापिंड 90,000 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से धरती के करीब से गुजरेगा

क्या कहते हैं डीजीपी एमवी राव

झारखंड के डीजीपी एमवी राव बताते हैं कि आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस पूरी तरह से तैयार है और लगातार छापेमारी कर रही है. कई अपराधियों की गिरफ्तारी भी हो रही है और नक्सलियों व नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ तो बड़ा अभियान भी चलाया जा रहा है.

इसे भी पढ़ें :नियम तोड़कर बिना टेंडर निकाले पंचायतों में एक ही सप्लायर से खरीदी गयीं लाखों की टेबल-कुर्सियां

लेवी के अलावा हत्या, आगजनी की वारदातों को अंजाम देते रहे हैं नक्सली

लॉकडाउन की अवधि में नक्सलियों की आर्थिक स्थिति काफी हद तक प्रभावित हुई है. एक वरिष्ठ आईपीएस पदाधिकारी बताते हैं कि इस दौरान पैसा आना लगभग बंद हो चुका था. जिस कारण भी लेवी लेने जैसी घटनाओं की शिकायतें लगातार आती रही. खासकर के जब नक्सलियों पर नकेल कसा जाता रहा है तो वे दूसरे रूप में छोटी घटनाओं को अंजाम देते रहे. जिसमें आगजनी जैसी घटनाएं अधिक हैं.

इसे भी पढ़ें :लालू प्रसाद और ललन पासवान की मोबाइल पर बातचित मामले में सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की गर्दन फंसी

दुष्कर्म की घटनाओं में भी नहीं हो पायी कमी

दुष्कर्म की घटनाओं में पुलिस पूरी तरह अंकुश लगाने में विफल रही है. खासकर के लॉकडाउन की अवधि में भी दुष्कर्म होने की घटनाएं सबसे अधिक हुईं. मार्च माह में जहां 150 दुष्कर्म हुए, वहीं मई में 169 और जून में यह आंकड़ा 176 तक पहुंच गया. सितंबर माह में 166 दुष्कर्म के मामलों पर एफआईआर दर्ज की गई है. इसके अलावा विभिन्न अपराधों की संख्या मार्च में 4904 थी, जिसपर पुलिस अनुसंधान कर रही है. जबकि सितंबर माह में 5635 मामले थानों में दर्ज जा चुके हैं.

इसे भी पढ़ें :क्रेन चालक की मौत पर हंगामा, परिजनों ने मांगा मुआवजा, फैक्ट्री प्रबंधन बोला- वह हमारा स्टाफ था ही नहीं

अपरहण के मामले भी बढ़ रहे हैं राज्य में

झारखंड में भी अपहरण के मामले अब सामने आने लगे है. अपराधी अब अपहरण करने जैसी घटनाओं को खुल कर अंजाम दे रहे हैं. इसमें सबसे अधिक घटनाएं रांची, बोकारो, रामगढ़, गढ़वा और धनबाद में हुई है. पिछले सात माह में राज्य से करीब 650 अपहरण की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. पुलिस के सामने सबसे बड़ी आश्चर्य की बात यह है कि पूर्ण लॉकडाउन अवधि में भी सौ से अधिक अपहरण की घटनाएं होती रहीं. हालांकि अपहरण के कई मामलों में पुलिस को बड़ी सफलता भी मिल चुकी है.

इसे भी पढ़ें :अफ्रीकी  देश नाइजीरिया में क्रूरतम घटना, जिहादी संगठन बोको हराम ने 43 मजदूरों को बंधक बना कर गला काट दिया

माह केस दुष्कर्म चोरी
       
मार्च 14 150 789
अप्रैल 19  104 370
मई 31 169 492
जून 33 176 724
जुलाई 29 141 746
अगस्त 32 160 971
सितंबर 25 166 1069

इसे भी पढ़ें :सब सियासत ही चमकाते हैं, शहादत का मर्म भूल जाते हैं

Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: