न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

अरुण जेटली ने कहा, विपक्ष का तर्क गलत, राष्ट्रीय  सुरक्षा और आतंकवाद भी चुनावी बहस का विषय  

राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चुनाव नहीं लड़े जाने के तर्क को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने खारिज करते हुए सेामवार को कहा कि सुरक्षा और आतंकवाद दीर्घकाल में सर्वाधिक महत्वपूर्ण मुद्दे हैं.

30

NewDelhi : राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चुनाव नहीं लड़े जाने के तर्क को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने खारिज करते हुए सेामवार को कहा कि सुरक्षा और आतंकवाद दीर्घकाल में सर्वाधिक महत्वपूर्ण मुद्दे हैं. जबकि अन्य सभी चुनौतियों का शीघ्र समाधान हो सकता है. कहा  कि भारत के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती जम्मू कश्मीर का मुद्दा है, क्योंकि यह राष्ट्र की संप्रुभता की चिंता से जुड़ा हुआ है.

बता दें कि अरुण जेटली ने क्यों जम्मू-कश्मीर, और आतंकवाद के लिए नया दृष्टिकोण एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बना रहेगा… शीर्षक से अपनी एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि भारत के विपक्ष का तर्क है कि चुनाव वास्तविक मुद्दों पर लड़ना होगा और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चुनाव नहीं लड़ा जाना चाहिए.

इसे भी पढ़ेंः वायुसेना प्रमुख ने कहा, बालाकोट हमले का असर और भीषण होता, अगर राफेल समय पर वायु सेना में शामिल हो जाता  
hosp3

बालाकोट हवाई हमले को लेकर विपक्ष बैकफुट पर

मेरा तर्क है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद दीर्घकाल में सर्वाधिक महत्वपूर्ण मुद्दे हैं.  अन्य सभी चुनौतियों का जल्द समाधान किया जा सकता है. विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पुलवामा में सीआरपीएफ के 40 जवानों की शहादत और पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायुसेना के जवाबी हमले को लेकर राजनीति कर रहे हैं.  राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद को चुनावी बहस का विषय बनाने का कारण देते हुए जेटली ने कहा कि यह देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा से संबंधित है.

जेटली का आरोप था कि दो क्षेत्रीय दल (पीडीपी और नेकां) ने निराशाजनक भूमिका निभाई है और विपक्षी पार्टियों के मौजूदा नेतृत्व के पास शायद ही कोई रोडमैप है, सिवाय विनाश के रास्ते पर चलने के अलावा.

जेटली ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार के दौरान, जब भी पुलवामा में आतंकवादी हमले और बालाकोट में हवाई हमले से संबंधित मुद्दों को उठाया जाता है तो भारत का विपक्ष बैकफुट पर आ जाता है. कहा कि एक मजबूत सरकार और स्पष्टता वाला एक अकेला नेता कश्मीर मुद्दे को सुलझाने में सक्षम है.

इसे भी पढ़ेंः सामान्य वर्ग के गरीब छात्रों को 10 प्रतिशत आरक्षण, शिक्षण संस्थानों में बढ़ेंगी दो लाख सीटें, मोदी कैबिनेट की मुहर

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

You might also like
%d bloggers like this: