JharkhandJHARKHAND TRIBESKhas-KhabarRanchi

#FightAgainstCorona: 10 ट्राइबल लैंग्वेज में शॉर्ट ड्रामा, पपेट शो और गाने से कोरोना के प्रति जागरूक कर रहे कलाकार

विज्ञापन

Rahul Guru

Ranchi: कोरोना महामारी के इस विषम दौर में झारखंड के कलाकार अपने-अपने घरों में बंद जरूर है. लेकिन अपनी प्रतिभा का सकारात्मक उपयोग कर रहे हैं.

ऐसे ही कलाकारों का समूह ‘भारतीय लोक कल्याण संस्थान’ 10 ट्राइबल लैंग्वेज में बीते दो महीने से कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं.

advt

ये कलाकार सात से 15 मिनट के शॉर्ट ड्रामा, पपेट शो और ऑडियो-वीडियो गाने के माध्यम से जागरुकता फैला रहे हैं. लॉक डाउन के पहले चरण से अब तक इन कलाकारों के समूह ने 70 से 80 वीडियो बनाये हैं.

इसे भी पढ़ें – धनबाद : एक दिन की पुलिस रिमांड पर ढुल्लू महतो, जमीन हड़पकर दी थी जान लेने की धमकी

इस तरह से लोगों को कर रहे जागरूक

#FightAgainstCorona: 10 ट्राइबल लैंग्वेज में शॉर्ट ड्रामा, पपेट शो और गाने से कोरोना के प्रति जागरूक कर रहे कलाकार
पपेट शो.

भारत सरकार के गीत नाटक प्रभार और झारखंड सरकार के सूचना और जनसंपर्क विभाग से पंजीकृत कलाकारों के इस ग्रुप में 250 से अधिक कलाकार हैं. ये कलाकार झारखंड के विभिन्न जिलों से हैं.

भारतीय लोक कल्याण संस्थान के सचिव चंद्रदेव सिंह ने बताया कि हमारी संस्था साल 2000 से विभिन्न मुद्दों पर सोशल अवेयरनेस का काम कर रही है.

adv

इसी कड़ी में हम इस लॉक डाउन में घरों में रहते हुए विभिन्न माध्यमों से कोरोना के प्रति जागरूक कर रहे हैं. अब तक हम लगभग 80 शॉर्ट ड्रामा, पपेट शो और वीडियो गाने बनाकर ग्रुप के यू-ट्यूब चैनल और फेसबुक पेज पर रिलीज कर चुके हैं.

अभी जागते रहो, प्रवासी सहित दर्जनों शॉर्ट ड्रामा रिलीज किये. इसके अलावा छऊ में कोरोना वध बनाया. यह महिषासुर वध की तर्ज पर बनाया गया है.  इसके अलावा पपेट शो किया गया है. इन दोनों परफॉर्मेंस को हजारों लोगों ने देखा है.

इसे भी पढ़ें – जेरेडा के पूर्व निदेशक के ठिकानों पर ACB की छापेमारी, 170 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला

100 से अधिक महिला कलाकारों ने किया काम


लोगों को अवेयर करने के इस मुहिम में समूह से जुड़े 100 से अधिक महिला कलाकारों ने अपना योगदान दिया है. उन्होंने अपना यह योगदान अपनी कला के माध्यम से दिया है.

संस्थान के सचिव चंद्रदेव सिंह ने बताया कि कलाकारों की प्रस्तुतियां हो, खोरठा, मुंडारी, खड़िया, बांग्ला, नागपुरी, कुरमाली जैसी ट्राइबल लैंग्वेज के अलावा हिंदी, भोजपुरी भाषाओं में दी है.

इन कलाकारों की प्रस्तुतियों की मध्य प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, हरियाणा, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से लोगों ने सराहना की है. वहीं हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला की संस्था ‘जोगारी’ और भोपाल की संस्था ‘मिट्टी के रंग’ के कलाकारों ने भारतीय लोक कल्याण संस्थान के साथ मिल कर कोरोना अवेयरनेस मुहिम से जुड़कर काम करने का प्रस्ताव दिया है.

इसे भी पढ़ें – रांची के कोचिंग संस्थानों की लूट कथा- 5: न मानते हैं कोई गाइडलाइन, न सार्वजनिक करते हैं जरूरी जानकारी

advt
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button