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सेना ने मीडिया से आग्रह किया, शहीदों के परिजनों की तस्वीरें दिखाने से बचें

NewDelhi :   पुलवामा हमले को लेकर सेना ने एडवाइजरी जारी कर मीडिया संस्थानों से अनुरोध किया है कि इस निराशाजनक और दर्दनाक हालात में शहीदों के परिजनों की रोने-बिलखने वाली तस्वीरें दिखाने से परहेज किया जाये, क्योंकि आतंकवादी यही चाहते हैं कि देश में दहशत का माहौल बने. ऐसी तस्वीरें आतंकवादियों का दुस्साहस बढ़ाती हैं.वहीं सीआरपीएफ ने भी मीडिया से अपील करते हुए कहा कि आधिकारिक रूप से पुष्टि होने तक शहीद कर्मियों के नाम फ्लैश न किये जायें. सेना और सीआरपीएफ ने मीडिया से इस एडवाइजरी का पालन करने का अनुरोध  किया है.  इससे पहले सरकार भी मीडिया को आगाह कर चुकी है.  पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले की मीडिया कवरेज पर सरकार के बाद अब सेना और सीआरपीएफ ने भी एडवाइजरी जारी की है. बता दें कि पुलवामा हमले को लेकर टीवी चैनलों पर आक्रामक तरीके से कवरेज जारी है. इसके आलोक में मोदी सरकार ने संज्ञान लेते हुए निजी टीवी चैनलों को आगाह किया.

टीवी चैनल ऐसी सामग्री पेश करने से बचें, जिससे हिंसा भड़क सकती है

सरकार की तरफ से सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने जम्मू कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को हुए आतंकवादी हमले की पृष्ठभूमि में सभी टीवी चैनलों से ऐसी सामग्री पेश करने से बचने को कहा, जिससे हिंसा भड़क सकती हो अथवा देश विरोधी रुख को बढ़ावा मिलता हो. मंत्रालय की ओर से जारी परामर्श में कहा गया, हालिया आतंकवादी हमले को देखते हुए टीवी चैनलों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी किसी भी ऐसी सामग्री के प्रति सावधान रहें जो हिंसा को भड़का अथवा बढ़ावा दे सकती हैं अथवा जो कानून व्यवस्था को बनाने रखने के खिलाफ जाती हो या देश विरोधी रुख को बढ़ावा देती हो या फिर  देश की अखंडता को प्रभावित करती हो. मंत्रालय ने सभी निजी चैनलों को इसका कड़ाई से पालन करने का अनुरोध किया है.

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