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पलामू के आर्मी जवान ने अपनी सर्विस बंदूक से खुद को गोली मारकर की थी आत्महत्या

शहीद होने की खबर निकली गलत

Palamu: जम्मू कश्मीर में आतंकियों से लोहा लेते हुए पलामू जिले का भारतीय सेना का जवान धीरज कुमार यादव (उम्र 24वर्ष) के शहीद हो जाने की खबर गलत निकली है. आर्मी जवान ने अपनी सर्विस बंदूक से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी. उसका शव रविवार की देर शाम तक उसके पैतृक गांव आने की संभावना है.
विदित हो कि जवान धीरज कुमार यादव को शहीद बताया जा रहा था. शनिवार तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई थी, लेकिन रविवार को स्पष्ट हुआ कि जवान की मौत आत्महत्या के कारण हुई.

कश्मीर के एक स्थानीय न्यूज चैनल ने इस संबंध में खबर प्रसारित की थी. कुछ अंग्रेजी न्यूज़ के पोर्टल में भी जवान के आत्महत्या से संबंधित खबर प्रकाशित हुई है. इसी बीच रांची के सेना के एक अधिकारी ने बताया कि जवान धीरज कुमार यादव को शहादत नहीं मिली है, बल्कि उसने आत्महत्या कर ली है. उसका शव आज शाम तक रांची आ जायेगा. कल सुबह उसके घर भेजा जाएगा. आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है.

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जवान धीरज कुमार यादव जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के दुआरा का रहने वाला था. सूचना मिलते ही उसके गांव में शोक की लहर दौड़ गई है. परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. आर्मी कॉल पर उसके पिता रामप्रवेश यादव हवाई जहाज से कश्मीर शव लेने गए हैं.

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शहादत पर क्या थी चर्चा

शहीद हो जाने की चर्चा के अनुसार गत 14 अक्टूबर को पूंछ जिले में भारतीय सेना के जवानों के साथ आतंकियों की मुठभेड़ हुई. सेना के जवानों ने पलामू के धीरज यादव भी शामिल थे. कई घंटे तक चली मुठभेड़ में धीरज गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे. उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. 15 अक्टूबर को उनकी मौत हो गयी.
हुसैनाबाद के एसडीपीओ पूज्य प्रकाश ने पत्रकारों को बताया कि इस संबंध में कोई जानकारी अबतक नहीं मिली है. पता लगाने की कोशिश की जा रही है.

कश्मीर न्यूज चैनल की खबर में क्या है दावा

उधर, कश्मीर एक न्यूज चैनल ने खबर प्रसारित कर बताया है कि जुम्मेरात (गुरूवार) की शाम सुमाली कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के क्रालपुरा में तैनात सेना के जवान धीरज कुमार ने अपनी सर्विस बंदूक से खुद को गोली मार ली. आनन फानन में उसे इलाज के लिए सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गयी.

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एक वर्ष पूर्व हुई थी आर्मी में नौकरी

आर्मी जवान धीरज यादव एक वर्ष पूर्व भारतीय सेना के जवान बने थे. 9 महीने की ट्रेनिंग के बाद उनकी ज्वाइनिंग हुई थी. अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में वह छुट्टी पर घर आए थे. गत सात अक्टूबर को अचानक उनकी छुट्टी कैंसिल कर दी गयी. छुट्टी कैंसिल होते ही जवान पुनः ड्यूटी के लिए जम्मू कश्मीर निकल गए. धीरज यादव का परिवार काफी गरीब है. धीरज के पिता दिल्ली में रहकर काम करते हैं.

पूर्व सैनिक ने दी श्रद्धांजलि

पूर्व सैनिक बृजेश शुक्ला ने आर्मी जवान धीरज यादव की मौत पर शोक संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि आर्मी जवान की मौत से उसके परिवार पर बुरा असर पड़ रहा है. किसी के घर में जवान बेटे की मौत का गम काफी दुखदायी होता है. बेटा जब सरकारी नौकरी में हो तो इसका असर ज्यादा दिखता है. ऐसे समय में परिवार को धैर्य रखने की जरूरत है. उन्होंने दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है.

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