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दिल में संजोये हैं अरमान, लगाते हैं सैंडविच की दुकान

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Ranchi : मन में कुछ करने की लगन हो तो कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता है. आज के युवाओं पर ये बात बिल्कुल फिट बैठती है. क्योंकि अगर हौसला हुलंद हो तो कामयाबी कदम चूमती ही है. ऐसा ही हौसला देखने को मिल रहा है हरमू के रहने वाले सत्यम कुमार शर्मा का. वैसे तो सत्यम संत जेवियर कॉलेज से एमकॉम की पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन अपनी पढ़ाई और बाकि खर्चों के लिये खुद पर ही निर्भर हैं. सत्यम ने संत लुईस से स्कूलिंग की और बाकि पढ़ाई संत जेवियर से कर रहे हैं.

लोग करते हैं सैंडविच की तारीफ

दिन में पढ़ाई और रात में कमाई की सोच रखकर ही राजधानी के अरगोड़ा चौक पर सत्यम ने अपना एक छोटा सा सैंडविच का स्टॉल लगा रखा है. शाम 4 बजते ही सत्यम पूरी तत्परता से अपनी दुकान पर जम जाते हैं और रात के 9 बजे तक डटे रहते हैं. जहां सैंडविच, पाव भाजी और मैगी बनाते हैं. खाने वाले लोग भी सत्यम की बहुत तारीफ करते हैं और कहते हैं कि सत्यम के हाथों में जादू है.

वैसे तो सत्यम से कई बार लोग पूछते हैं कि डिलडौल शरीर और थोड़ा मॉडल की लुक होने के बावजूद वे सैंडविच क्यों बेचते हैं. तो वे हंसते हैं और कहते हैं कि एक बड़ा बिजनेस मैन बनने की उनकी इच्छा है. इसकी शुरूआत भी हो चुकी है. सत्यम अपनी सैंडविच की दुकान से हर दिन तीन से चार हजार रूपये तक कमा लेते हैं. जिससे वे अपना तो खर्च निकाल ही लेते हैं और कमायी का कुछ हिस्सा बचा भी लेते हैं.

कुछ अलग हटकर करने का निर्णय लिया

सत्यम ने न्यूज विंग की टीम को बताया कि सरकारी नौकरी के भरोसे वे बैठना नहीं चाहते थे. इसलिये निर्णय लिया कि कुछ अलग हटकर करेंगे. जिससे पढ़ने वाले युवाओं को भी एक सीख भी मिले. सत्यम ने धनतेरस के अवसर पर अपना रोजगार आरंभ किया था. इससे पहले वे अपने बड़े भाई की दुकान पर हाथ बंटाते थे. सत्यम बताते हैं कि शुरुआत छोटे से की है और फिलहाल तो सैंडविच का स्टॉल बढ़िया चल रहा है.

अब जल्दी ही इसे बड़ा करने की सोच रहे हैं ताकि खाने के आइटम्स को बढ़ा सकें. सत्यम ने बताया कि वे अपने भाई के दुकान पर बैठते-बैठते ही ये विचार आया कि कुथ खुद का काम शुरू करने चाहिये. फिर उन्होंने सैंडवीच और पॉवभाजी बनाना सीखा. सत्यम महीने का 60-70 हजार रुपये कमा रहे हैं. सत्यम के फुड स्टॉल पर सैंडवीच व पावभाजी 40 रुपए जबकि मैगी 30 रुपए प्लेट मिलती है.

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