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अरगोड़ा नदी क्षेत्र में भू-माफिया डाल रहे ‘डाका’, अंचल प्रशासन खेल रहा बस ‘नोटिस-नोटिस’

अभी तक अतिक्रमणकारियों को कायदे से चिन्हित भी नहीं कर पाया है प्रशासन

Ranchi : अरगोड़ा नदी के बहाव क्षेत्र वाली जमीन पर माफिया लगातार डाका डाल रहे हैं. रोज नदी इलाके में बाउंड्री खड़ी हो रही है. सब कुछ जानकर भी अंचल प्रशासन पिछले 20 दिनों से सिर्फ नोटिस-नोटिस के खेल में उलझा है. इसके चलते इस नदी का वजूद मिटने पर आ गया है.

अरगोड़ा से पुंदाग जानेवाले रास्ते में नदी की जमीन पर अतिक्रमण की रिपोर्ट न्यूजविंग में जनवरी के दूसरे सप्ताह में प्रकाशित की थी.इसके बाद रांची जिला प्रशासन के निर्देश पर 12 जनवरी को एक जांच टीम अंचल कार्यालय, अरगोड़ा से वहां गयी भी. टीम ने माना कि प्लॉट संख्या 859 पर अतिक्रमण करके अवैध तरीके से घेराबंदी की गयी है. पर इसके बाद से अब तक अतिक्रमित भूमि की बाउंड्री गिराये जाने के बजाये अतिक्रमण करनेवाले को नोटिस भेजा गया है. कुछ दिनों में और एक बार फिर से नोटिस भेजे जाने की तैयारी है. यानी कार्रवाई के बदले सिर्फ नोटिस का सिलसिला चल रहा है.

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क्या है नोटिस में

अरगोड़ा सीओ, रांची ने 20 जनवरी को जगनारायण साहू को एक नोटिस भेजा. भोला साहू और मिथिलेश कुमार साहू को भी इसे दिया. इसमें कहा कि पुन्द ढोढ़ा नदी की गैर मजरूआ मालिक भूमि (थाना नं 207, खाता सं 268, प्लॉट नं 859, रकबा 2.36 एकड़) को उनके द्वारा चहारदीवारी खड़ा करके अतिक्रमित किया गया है.

प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए मौखिक आदेश दिया था. बावजूद इसके इसे नहीं हटाया गया है. अब इसे प्रशासन द्वारा बलपूर्वक हटाये जाने पर इस पर व्यय राशि आपसे वसूली जायेगी.

नोटिस पर हलचल

सीओ कार्यालय से नोटिस मिलने पर जगनारायण साहू ने कार्यालय में संपर्क किया. श्री साहू ने कहा कि जमीन पर अतिक्रमण के मामले में भोला साहू और मिथिलेश साहू के पक्ष की भी जांच की जाये. साथ ही आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि सेना के जवान को 5 डिसमिल जमीन सरकार की ओर से दी जाती है. सीओ कार्यालय से इसे खारिज करते हुए कहा गया कि नदी के बहाव क्षेत्र की जमीन किसी भी स्थिति में नहीं बेची जाती.

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क्या है स्थिति

अब सीओ कार्यालय से एक बार फिर से अरगोड़ा नदी के बहाव क्षेत्र के अतिक्रमणवाले हिस्से (प्लॉट सं 859) की फिर से एक-दो दिनों में मापी कराये जाने का प्रयास है. जिन लोगों के नाम जमीन की घेराबंदी में अब तक सामने आये हैं, उन्हें एक और नोटिस दिया जायेगा.

अरगोड़ा सीओ रविन्द्र कुमार के अनुसार एक और नोटिस जल्द ही भेजना तय है. इसके बाद समुचित जवाब नहीं मिलने पर बाउंड्रीवाल को तोड़ दिया जायेगा. इस काम का खर्च भी लिया जायेगा.

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