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झारखंड में विरासत स्थलों की पहचान के लिए 354 गांवों में पहुंची पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम

Ranchi: केंद्र सरकार (संस्कृति, पर्यटन और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय) झारखंड में विरासत स्थलों की पहचान के काम में लगातार लगी है. इसके लिये राज्य के अलग अलग गांवों में पुरातत्व सर्वेक्षण का काम भी जारी है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के कामों में अलग अलग अलग गांवों का दौरा कर रही है. पिछले 8 सालों में (2014-15 से 2021-22) पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम विरासत स्थलों की तलाश में 354 गांवों तक पहुंच चुकी है. इनमें से अब तक 103 गांवों में पुरातत्वीय अवशेष वाले गांव के तौर पर चिन्हित किया जा चुका है.

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देश में इतने गांवों में मिले हैं पुरातत्वीय अवशेष

गौरतलब है कि लोकसभा के मॉनसून सत्र में सांसद सत्यदेव पचौरी ने संस्कृति मंत्रालय से विरासत स्थलों की पहचान के लिये सर्वेक्षण और उसका ब्यौरा तथा इससे संबंधित अन्य जानकारियां मांगी थी. इस पर मंत्रालय ने जानकारी दी है कि 2014-15 से 2021-22 की अवधि में देश के अलग अलग राज्यों में 8478 गांवों में पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम गयी. इनमें से 2914 गांवों को पुरातत्वीय अवशेष वाले गांव के तौर पर आइडेंटिफाई किया जा चुका है. इनमें सबसे अधिक पुरातत्वीय अवशेष वाले गांव कर्नाटक में (806), तमिलनाडु (329) और मध्य प्रदेश (256) जैसे राज्यों में हैं. सबसे कम संख्या तेलंगाना (10), ओड़िशा (12) और जम्मू एवं कश्मीर (25) जैसे राज्यों में है.

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इतने हैं झारखंड में संरक्षित स्मारक-स्थल

इसके अलावे संस्कृति मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि देश भर में कुल 3693 संरक्षित स्मारक या स्थल हैं. झारखंड में इनकी संख्या 13 है. सबसे अधिक संख्या यूपी (743), कर्नाटक (506) औऱ तमिलनाडु (412) जैसे राज्यों में है. इसके अलावे मणिपुर, मिजोरम जैसे राज्यों में मात्र 1-1 संरक्षित स्मारक या स्थल ही हैं.

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