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RIO बिल्डिंग निर्माण में अब नहीं चलेगी मनमानी, तय राशि से 20 परसेंट बढ़ाने का आदेश, उसी में पूरा करना होगा काम

Ranchi : राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में रिजनल इंस्टीट्यूट आफ ऑप्थैल्मोलॉजी (आरआईओ) खोलने की तैयारी है. इसके लिए बिल्डिंग का काम भी चल रहा है. सात साल बीत जाने के बाद भी आजतक बिल्डिंग का काम तो पूरा नहीं हो पाया, लेकिन बिल्डिंग का बजट 39,10,82,693 रुपये से बढ़ाकर 54 करोड़ रुपये पहुंचा दिया गया. इतना ही नहीं इस बजट को बिना गवर्निंग बॉडी की बैठक में लाए ही पास कराने की तैयारी थी. लेकिन रिम्स की जीबी ने इसे सिरे से खारिज कर दिया. वहीं पहले से तय राशि का केवल 20 परसेंट ही बढ़ाने का आदेश दिया है. वहीं 7,82,16,538 रुपये में ही काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही कहा गया है कि जल्द से जल्द इस बिल्डिंग को चालू किया जाए जिससे कि मरीजों को इसका फायदा मिल सके.

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एक-एक कर भेजी जा रही थी फाइल

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बजट का खर्च बढ़ाने के बाद फाइल जीबी के मेंबर्स के पास एक-एक कर भेजी जा रही थी. जिससे कि बिना चर्चा किए ही जीबी के मेंबर इस पर अपनी सहमति दे दे. लेकिन इस पर जीबी के सदस्यों ने सवाल खड़ा दिया. इसके बाद ही मामले को जीबी की बैठक में चर्चा के लिए लाया गया. बताते चलें कि 2014 में आरआईओ का काम शुरू किया गया था. काम जब शुरू हुआ था उस समय बजट की राशि 39 करोड़ रुपये थी. बिल्डिंग का काम भी तेजी से चल रहा था, लेकिन पेमेंट नहीं मिलने के कारण भवन निर्माण का काम बीच में ही रोक दिया गया. भवन निर्माण निगम ने रिम्स पदाधिकारियों के साथ बैठक में निर्माण के लिए पुनरीक्षित प्राक्कलित राशि बढ़ाने के लिए आग्रह किया. अधिकारियों ने कहा कि उन्हें निर्धारित बजट राशि से अधिक की जरूरत क्यों है. इस संबंध में पूरी डिटेल मांगी गई थी.

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चालू होने से ये होगा फायदा

आरआईओ के शुरू होने के बाद आंखों की बीमारियों पर रिसर्च किया जा सकेगा. इसके अलावा वर्तमान में फैली बीमारी ब्लैक फंगस का भी बेहतर इलाज रिम्स में ही किया जा सकता था. चूंकि कोविड की चपेट में आने के बाद काफी संख्या में लोग ब्लैक फंगस की चपेट आए और तत्काल उनका इलाज करने की जरूरत पड़ी. हालांकि अभी भी रिम्स में ब्लैक फंगस के मरीजों का इलाज किया जा रहा है. लेकिन सेपरेट यूनिट नहीं होने से मरीजों को दूसरे वार्ड में रखकर इलाज किया जा रहा है. इसके अलावा ग्लूकोमा व रेटीना की बीमारी में रिसर्च से मरीजों को लाभ मिल सकेगा.

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