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गढ़वा के सरकारी स्कूल में तुष्टिकरण का मामला: मंत्री जगरनाथ महतो ने DC और SP से कहा- लें एक्शन

Ranchi: गढ़वा जिले के कोरवा पंचायत में एक सरकारी स्कूल में तुष्टिकरण का मामला सामने आया है. इस पर शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने नाराजगी जाहिर की है. भवनाथपुर विधायक भानु प्रताप शाही द्वारा आज इस मसले पर की गयी शिकायत और अखबारों में छपी खबर पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने इस मसले पर गढ़वा डीसी और एसपी से बात की. उनसे इस पर कार्रवाई करने को कहा. भानु प्रताप शाही ने इससे संबंधित जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर करते कहा कि यह एक स्कूल का विषय मात्र नहीं है बल्कि समाज को तोड़ने वाली शक्ति का काम है.

भाजपा नेताओं का विरोध जारी

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व सीएम रघुवर दास, पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी समेत कई नेताओं ने सरकारी स्कूल में तुष्टिकरण के आधार पर नियम बदले जाने पर नाराजगी जतायी है. सोशल मीडिया पर रघुवर ने लिखा भी है कि राज्य में तुष्टिकरण का बीज बोया जा रहा है, यह उसी का फल है. लोकतंत्र में इस तरह की घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं. दोषियों पर कार्रवाई की जाए. बाबूलाल के मुताबिक सरकारी स्कूलों में ऐसा करने की छूट दी गई तो जहाँ जिस धर्म, मजहब के लोग अधिक होंगे, वे अपने हिसाब से सबकुछ तय करने लगेंगे. सीएम हेमंत सोरेन से उन्होंने ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने की भी अपील की है.

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गौरतलब है कि उत्क्रमित मध्य विद्यालय कोरवाडीह में वर्षों से चली आ रही प्रार्थना के नियम को बदलने की मांग मुस्लिम समाज से जुड़े लोगों ने की है. स्कूल के प्रधानाध्यापक पर दबाव डालते कहा कि उनकी आबादी स्थानीय स्तर पर 75 फीसदी है. ऐसे में प्रार्थना के और दूसरे नियम उनके अनुसार बनें. इसके बाद से स्कूल में प्रार्थना के दौरान गाये जाने वाले गीत दया का दान कर विद्या का को हटा दिया गया है. इसकी जगह पर तू ही राम है, तू रहीम है शुरू कर दिया गया है. प्रार्थना के दौरान बच्चों को हाथ जोडने से भी मना कर दिया गया है. इस विवाद की जानकारी प्रधानाध्यापक युगेश राम ने स्थानीय मुखिया और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दे दी है.

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