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उदासीनताः जब चरम पर पहुंचा CORONA तो डॉक्टर ढूंढने में जुटा प्रशासन

वॉलेंटियर डॉक्टर्स की तलाश के लिये कॉटैक्ट नंबर जारी

Ranchi: राजधानी रांची में कोरोना की दूसरी लहर ने कहर मचा दिया है. हर दिन केवल रांची सिटी में 900 से 1000 संक्रमित मिल रहे हैं. मैनपावर की कमी और मरीजों की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने वॉलेंटियर डॉक्टर्स के लिए अपील की है, जिससे कि कोरोना के विरूद्ध लड़ाई में उनका सहयोग लिया जा सके. इसके लिये बाकायदा कॉटैक्ट नंबर जारी किया गया है जिससे कि प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले और रिटायर्ड डॉक्टर संपर्क करें. वहीं मरीजों की देखभाल के लिए पारा मेडिकल स्टॉफ भी ढूंढे जा रहे है और इसके लिए उनको भुगतान भी किया जाएगा. यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि मरीजों के बढ़ने का सिलसिला लंबे समय से जारी है तो आज वॉलेंटियर डॉक्टर्स क्यों ढूंढ रहे हैं.

 

सिटी में जब कोरोना के मामले बढ़े तो जिला प्रशासन ने हेल्थ सिस्टम को दुरुस्त करने पर ध्यान ही नहीं दिया. न तो हॉस्पिटल्स की व्यवस्था को लेकर चर्चा की और न ही डॉक्टर व पारा स्टॉफ की कमी पर ध्यान दिया. दुकानों में छापेमारी की और जहां भीड़ मिली उन दुकानों को सील कर दिया. वहीं खेलगांव को भी खाली करा दिया गया था. अब वहां पर टेंट वालों की मदद से आईसोलेशन वार्ड तैयार किए गए ताकि मरीजों का इलाज कर सके, लेकिन सेंटर के लिए हेल्थ डिपार्टमेंट के पास डॉक्टर्स ही नहीं है जिससे उनकी ड्यूटी में लगाई जा सके.

180 मरीजों पर 4 डॉक्टर

ram janam hospital
Catalyst IAS

रांची सदर अस्पताल में फिलहाल 180 बेड हैं. जहां पर कोरोना के मरीजों को रखकर उनका इलाज किया जा रहा है. रिम्स के बाद सदर रांची का दूसरा बड़ा हॉस्पिटल है जहां पर कोरोना के मरीजों के लिए आक्सीजन सपोर्टेड बेड उपलब्ध है, लेकिन वहां पर मरीजों की तुलना में 12 डॉक्टर है जो तीन शिफ्टों में ड्यूटी करने में जुटे हैं, जबकि वहां पर 40 स्टाफ को लगाया गया है. जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कोरोना के मरीज बढ़े तो उनकी क्या स्थिति होगी, चूंकि सिटी में कई जगहों पर जिला प्रशासन आइसोलेशन सेंटर भी बना रहा है जहां पर काफी संख्या में डॉक्टरों की जरूरत पड़ेगी.

 

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रिम्स में इमरजेंसी के लिए है डॉक्टर

रिम्स में फिल्हाल मरीजों के लिए 501 बेड तैयार है. जिसमें से ज्यादातर बेड तो फुल हो चुके है. वहीं इसके लिए रिम्स ने टास्क फोर्स भी बनाकर रखा है. जिससे कि किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटा जा सके. बताते चलें कि रिम्स में जूनियर डॉक्टरों को मिलाकर 2000 से अधिक डॉक्टर है. ऐसे में रिम्स में मरीज बढ़ते है तो इसके लिए आपात स्थिति में जूनियर डॉक्टरों को भी लगाया जा सकता है.

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