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पारा टीचर की हत्या के दोषी एनोस एक्का को उम्रकैद-एक लाख का जुर्माना, गयी विधायिकी

2014 में हुई थी पारा टीचर मनोज कुमार की हत्या

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Simdega: पारा टीचर मनोज कुमार की हत्या में दोषी करार विधायक एनोस एक्का को मंगलवार को सिमडेगा कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई. साथ ही एक लाख का जुर्माना भी कोर्ट ने लगाया है. इसके साथ ही कोलेबिरा से विधायक एनोस एक्का की विधानसभा सदस्यता भी रद्द होगी. बता दें कि इस मामले में शनिवार को सिमडेगा कोर्ट ने कोलेबिरा विधायक को दोषी करार दिया था. 26 नवंबर 2014 को सिमडेगा के शाहपुर प्रखंड संघर्ष समिति और कोलेबिरा प्रखंड पारा शिक्षक संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार लसिया की हत्या कर दी गयी थी, पिछले चार सालों से मनोज कुमार की हत्या के आरोप में एनोस जेल में बंद है. वही उम्रकैद की सजा होने के बाद सिमडेगा के कोलेबिरा से विधायक एनोस एक्का की विधायिकी भी चली गई है.

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इसे भी पढ़ेंः Flash Back: चुनाव में मदद नहीं करने पर एनोस ने PLFI से करवा दी थी पारा टीचर मनोज कुमार की हत्या

आजीवन कारावास की सजा 

न्यायाधीश नीरज श्रीवास्तव की अदालत ने पारा शिक्षक मनोज कुमार की हत्या के मामले में एनोस एक्का को दोषी करार दिया है. मामले में सजा सुनाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई.  एनोस एक्का के साथ एक अन्य आरोपी धनेश बड़ाईक को भी अदालत ने दोषी ठहराया था. इस पूरे मामले में सुनवाई के दौरान एक्का वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए से कोर्ट में उपस्थित हुए.

इन धाराओं में दोषी करार

एनोस एक्का और धनेश बड़ाईक को आईपीसी की धारा 364-ए, 302, 120-बी, 171-एफ, 201 और 27 आर्म्स एक्ट में दोषी करार दिया गया है. मामले की सुनवाई जिला जज की अदालत में हुई, इसमे अभियोजन पक्ष की ओर से 28 और बचाव पक्ष की ओर से छह गवाहों का बयान कलमबंद कराया गया.

2014 में हुई थी हत्या

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गौरतलब है कि पारा शिक्षक मनोज कुमार ने विधायक एनोस एक्का पर आरोप लगाया था कि वो उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं. वही 26 नवंबर 2014 को मनोज कुमार अपने साथी पारा शिक्षक के स्कूल में बैठे थे. तभी मोटरसाइकिल से दो हथियारबंद लोग वहां पहुंचे और जबरन मनोज को मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले गगए थे. बाद में उनका शव मिला था.

हत्या से पहले ही अपनी जान की खतरा बताकर मनोज कुमार ने तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ज्ञापन भी सौंपा था. और सुरक्षा की गुहार लगायी थी. लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी.  वही शिक्षक की हत्या के बाद तत्कालीन एसपी राजीव रंजन सिंह ने रात दो बजे एनोस एक्का के ठाकुरटोली आवास से गिरफ्तार कर थाना लायी थी. फिर देर शाम उन्हें जेल भेज दिया गया था. बता दें कि मृत पारा शिक्षक मनोज कुमार के भाई ने कोलेबिरा थाने में एनोस एक्का व पीएलएफआई के एरिया कमांडर बारूद गोप सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया था.

इससे पहले तीन विधायकों की गयी सदस्यता

गौरतलब है कि आपराधिक मामलों में ढाई साल से अधिक की सजा होने के कारण झारखंड के तीन विधायकों की सदस्यता इससे पहले जा चुकी है. इसमें आजसू के पूर्व विधायक कमल किशोर भगत, वही जेएमएम के योगेन्द्र महतो और अमित महतो के नाम शामिल है. कमल किशोर भगत को 2015 में 22 साल पुराने एक मामले में रांची के कोर्ट ने सात साल की सजा सुनायी जिसके बाद उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई. वही गोमिया से जेएमएम विधायक योगेन्द्र महतो को रामगढ़ कोर्ट ने इस साल फरवरी में कोयला चोरी में दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद उनकी विधायिकी समाप्त कर दी गई. वही जेएमएम के अमित महतो जो सिल्ली विधानसभा सीट से विधायक थे, उन्हें 2005 के एक मामले में अदालत ने दो वर्ष कारावास की सजा सुनायी है, जिसके बाद उनकी विधानसभा की सदस्यता रद्द कर दी गयी.

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