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नॉमिनेशन करने अर्धनग्न अवस्था में कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे अंजनी पांडेय, बना कौतूहल का विषय

आदिवासी किसान मजदूर पार्टी ने बनाया है उम्मीदवार

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Ranchi: 2019 के लोकसभा चुनाव में कई उम्मीदवार ऐसे हैं, जो चुनाव लड़ने से पहले अपने नॉमिनेशन को ही यादगार बनाने में लगे हैं. इसी कड़ी में शामिल हैं अंजनी कुमार पांडेय. ट्रेड यूनियन से जुड़े नेता और आंदोलनकारी रहे अंजनी कुमार पांडेय गुरुवार को रांची लोकसभा सीट पर नामांकन के अंतिम दिन अर्धनग्न होकर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे. यहां तक कि उनके साथ उनके प्रस्तावक भी अर्धनग्न ही थे. अंजनी कुमार पांडेय ने आदिवासी किसान मजदूर पार्टी की ओर से गुरुवार को कलेक्ट्रेट में नॉमिनेशन भरा. मालूम हो कि आदिवासी किसान मजदूर पार्टी राज्य की 14 लोकसभा सीटों में से 5 पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है. उसमें पश्चिम सिंहभूम, रांची, गिरिडीह, लोहरदगा और चतरा संसदीय सीट प्रमुख हैं.

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कौतूहल का विषय बना नॉमिनेशन

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गुरुवार को आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के तरह अंजनी पांडेय ने जब अपना नामांकन भरने आये, तो उनका आना पूरे कलेक्ट्रेट परिसर में एक कौतूहल का विषय बन गया. वे स्वयं तो अर्धनग्न नॉमिनेशन करने आये ही थे, साथ ही उनके प्रस्तावक भी अर्धनग्न आये थे. अर्धनग्न नॉमिनेशन करने की वजह को लेकर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि आज देश में मजदूर और किसान समेत बौद्धिक वर्ग भी नंगा हो गया है. विकास के नाम पर सरकार की तरफ से सिर्फ वादे किए जाते हैं. जिसे पूरा नहीं किया गया है. उनकी लड़ाई किसान मजदूर के हित के लिए है.

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करमचंद भगत ने जयस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किया

करमचंद भगत ने जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में दो सेटों में नामांकन पत्र दाखिल किया. उनके समर्थकों ने मोटरसाइकिल जुलूस निकाला. प्रेस से बातचीत करते हुए करमचंद भगत ने कहा कि जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) के झारखंड प्रभारी संजय पहान ने मुझे जो उत्तरदायित्व दिया है उसे मैं पूरा करूंगा. 70 वर्षों से आदिवासी समाज राजनीतिक दलों को वोट करता आ रहा है, वहीं राजनीतिक दलों के  जीते हुए उम्मीदवारों द्वारा आज तक आदिवासी समुदाय के संवैधानिक मांगों को पूरा नहीं किया गया. वहीं आदिवासी हो या कोई भी समुदाय के सांसद सदन में दलों के दबाव में अपनी बातें भी रख नहीं पाते. इसलिए जयस ने मुझे समर्थन देकर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में रांची लोकसभा लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है ताकि मैं आदिवासी-मूलवासी समाज का आवाज बन सकूं, सड़क से संसद तक आदिवासियों मूल वासियों के हक़ अधिकारों की लड़ाई लड़ सकूं.

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