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एनडीए से नाराज कुशवाहा ने कहा- याचना नहीं अब रण होगा

नीतीश सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

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Motihari: बिहार में सीट बंटवारे को लेकर बीजेपी से नाराज चल रहे उनके सहयोगी कुशवाहा ने कहा कि याचना नहीं अब रण होगा. साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गुरुवार को कहा कि कुशासन के खिलाफ रण होगा.

राम मंदिर को लेकर बीजेपी पर निशाना

मोतिहारी में पार्टी के चिंतन शिविर के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कुशवाहा ने एनडीए से अलग होने के संकेत दिए. साथ ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में रहने के बावजूद उपेंद्र कुशवाहा ने भाजपा पर मंदिर मुद्दे को लेकर हमला बोला. उन्होंने राम मंदिर के नाम पर जनमुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने का आरोप बीजेपी पर लगाया. उनके अनुसार सरकार और राजनीतिक दलों का ये काम नहीं कि कहां मंदिर या मस्जिद बने. केंद्रीय मंदिर ने कहा कि अगर मंदिर बनाना है तो उचित तरीक़े से बनाइये.

रालोसपा प्रमुख की बातों से साफ जाहिर है कि बीजेपी की ओर से सुलह की किसी तरह की कोशिश नहीं की जा रही. उन्होंने खुद भी कहा कि पार्टी की ओर से सीट बंटवारे को लेकर बीजेपी से बात करने की कोशिश की गई. लेकिन बात नहीं बनी. हालांकि इसके लिए उन्होंने बिहार बीजेपी के नेताओं को दोषी ठहराते हुए उन्हें असल जुमलेबाज बताया. साथ ही नीतीश सरकार के आगे बीजेपी नेताओं के नतमस्तक होने की बात कही.

यह पूछे जाने पर कि केंद्र सरकार में क्या वह मंत्री बने रहेंगे, कुशवाहा ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति के हाथ में है जो देश के प्रधानमंत्री हैं . वह चाहें तो बर्खास्त कर सकते हैं पर मीडिया वालों को यह पूछने का अधिकार नहीं .

कुशासन के खिलाफ होगा रण

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जेडीयू से नाराज चल रहे रालोसपा प्रमुख ने की नीतीश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला और कहा कि अब अशिक्षा के विरोध में, शिक्षा की दशा सुधारने के लिए, कुशासन के खिलाफ और सुशासन के पक्ष में रण होगा. यह पूछे जाने पर कि क्या वह केवल जदयू से नाराज हैं, तो उन्होंने कहा, ‘हम किसी से नाराज नहीं हैं. जनता की समस्याओं का हल नहीं निकल रहा है. इसलिए उनकी पार्टी इन मुद्दों को लेकर आंदोलन छेडेगी.’

इससे पहले अपनी पार्टी के चिंतन शिविर को संबोधित करते हुए कुशवाहा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भले ही 15 साल के लालू-राबड़ी शासनकाल को कोस कर बिहार में सत्ता की गद्दी पर बैठे हों पर हकीकत यह है कि उस समय प्रदेश में जो कानून व्यवस्था की स्थिति थी आज उससे भी बदतर है .

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से उनकी मुलाकात करने के अटकलों के बारे में पूछे जाने पर, कुशवाहा ने कहा, ‘हम कब किसके साथ मुलाकात करेंगे, इसके लिए न तो किसी से बताने की और न ही किसी से अनुमति लेने की आश्यकता है.’ उल्लेखनीय है कि रालोसपा के इस चिंतन शिविर में इस दल के दोनों विधायकों ललन पासवान और सुधांशु शेखर तथा सांसद राम कुमार शर्मा अनुपस्थित रहे. ये नेता पार्टी के राजग से निकलने का लगातार विरोध करते आ रहे हैं.

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