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#BJP के नाराज कार्यकर्ता संपर्क में, दीपावली में होगा बड़ा धमाका : जेएमएम

Ranchi : झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के दो विधायकों के बीजेपी में शामिल के बाद पार्टी ने दीपावली के पहले बड़े धमाके की बात कही है.

जेएमएम महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि चुनाव के ठीक पहले अऩ्य दलों के विधायकों को शामिल करा कर बीजेपी ने यह बता दिया है कि उनके नेताओं को अपने निष्ठावान और समर्पित कार्यकर्ताओं पर भरोसा नहीं रहा है.

बाहरी नेताओं को शामिल करने से नाराज ऐसे कार्यकर्ता जेएमएम के लगातार संपर्क में हैं. जेएमएम दूसरे दलों में सेंध मारने के खेल पर भरोसा नहीं करता है. लेकिन बीजेपी नेता संपर्क में हैं, तो पार्टी के आंतरिक स्तर पर इस पर विचार हो रहा है.

दीपावली के ठीक पहले राजनीतिक जगत में एक बड़ा धमाका सुनने को मिलेगा. बता दें कि जेएमएम के दो विधायक कुणाल षाड़ंगी और जेपी पटेल बुधवार को बीजेपी में शामिल हो गये हैं.

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प्रलोभन या डर से नेताओं को शामिल कराना बीजेपी की नीति

पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि बीजेपी की यह नीति हमेशा से रही है कि प्रलोभन या डर से दूसरे दल के नेताओं को अपने दल में शामिल करा लें.

यह घटना जहां लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है, तो इससे बीजेपी के आंतरिक कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी होने लगी है. उऩ्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के ठीक पहले यह घटना बताती है कि जिस दंभ पर बीजेपी सरकार बनाने का दावा करती है, उसका कोई वजूद नहीं है.

जेएमएम महासचिव ने कहा कि चुनाव से पहले अऩ्य दलों के विधायकों को शामिल कराना बताता है कि बीजेपी को अपने समर्पित कार्यकर्ताओं पर भरोसा नहीं रहा है.

सीएम लगातार दावा करते हैं कि पिछले पांच सालों में उनकी सरकार ने राज्य का विकास किया है. लेकिन जनता के बीच जाकर विकास की बात करने की जगह वे दूसरे दल के सीटिंग विधायकों को प्रलोभन या डर दिखा कर सरकार बनाने का ख्वाब देख रहे हैं.

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पार्टी को कोढ़ से मिली मुक्ति, बीजेपी के लिए गले की फांस

कुणाल और जय प्रकाश पटेल के बीजेपी में जाने को लेकर उन्होंने कहा कि दोनों नेता पार्टी के अंदर एक कोढ़ थे. पार्टी को आज इस कोढ़ से मुक्ति मिल चुकी है.

कुणाल षाड़ंगी पर निशाना साधते हुए सुप्रियो ने कहा कि हेमंत सोरेन ने युवा नेता को पार्टी में एक उचित स्थान दिया. पार्टी कुणाल की पारिवारिक पृष्ठभूमि को जानती थी, उसके बाद भी उसपर भरोसा कर विधानसभा पहुंचाया.

वहीं जेपी पटेल के पिता स्वर्गीय टेकलाल महतो गुरुजी के साथ झारखंड आंदोलन में शामिल रहे हैं. उनके निधन के बाद न केवल टिकट दिया गया, बल्कि पहली बार राज्य की राजनीति में ऐसा हुआ कि उपचुनाव जीतनेवाले किसी विधायक को मंत्री तक बनाया गया.

सुप्रियो ने कहा कि दोनों नेताओं ने किचिंत प्रलोभन में आकर पार्टी को छोड़ा है. वहीं ऐसा कर बीजेपी ने राज्य के युवाओं को छला है. यही छल बीजेपी के गले की फांस बनने जा रहा है.

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