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#CAB के खिलाफ नॉर्थ ईस्ट में भड़का लोगों का गुस्सा, केंद्र ने भेजे अर्द्धसैनिक बलों के 5 हजार जवान, सर्वानंद सोनोवाल एक घंटे तक एयरपोर्ट ने नहीं निकल सके

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Guwahati: नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ बुधवार को हजारों लोग असम समेत नॉर्थ ईस्ट के कई शहरों में सड़कों पर उतरे. विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प से राज्य में अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो गयी है.

हालांकि, किसी भी पार्टी या छात्र संगठन ने बंद, प्रदर्शन का आह्वान नहीं किया है. सचिवालय के पास प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा बलों के साथ भिड़ंत हो गयी.

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दिल्ली में अधिकारियों ने बताया कि नागरिकता विधेयक को लेकर विरोध के मद्देनजर शांति का माहौल सुनिश्चित करने के लिए अर्द्धसैनिक बलों के पांच हजार जवानों को पूर्वोत्तर भेजा जा रहा है.

मुख्यमंत्री सर्वानंग सोनोवाल एन प्रदर्शनों के कारण एयरपोर्ट से एक घंटे से अधिक समय तक बाहर नहीं निकल सके.

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लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़े

गुवाहाटी में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठियां चलायीं और आंसू गैस के गोले छोड़े. लोकसभा में विधेयक पारित होनेवाले दिन से ही असम के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है.

छात्र नेताओं के मुताबिक, सचिवालय के सामने पुलिस की कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी घायल हो गये.  प्रशासन या पुलिस के अधिकारियों से पुष्टि नहीं हो सकी, लेकिन खबरें मिली हैं कि गुवाहाटी, डिब्रूगढ़ और जोरहाट जैसे स्थानों पर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है.

छात्रों ने जीएस रोड पर अवरोधक को तोड़ दिया जिसके बाद पुलिस ने लाठी चार्ज किया. छात्रों पर आंसू गैस के गोले भी छोड़े गये जिसे पुलिसकर्मियों पर छात्रों ने उठा कर फेंका.

पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठियां चलायीं. प्रदर्शनकारियों ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिंजो आबे के बीच होने वाली शिखर बैठक के लिए सड़क पर लगाये गये एक मंच को भी तोड़ दिया.

सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के विज्ञापन वाले बैनरों को भी फाड़ दिया गया और सचिवालय के सामने उसमें आग लगा दी. एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘‘प्रदेश में सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में बर्बर सरकार है. जब तक कैब वापस नहीं लिया जाता है तब तक हम किसी दबाव में नहीं आयेंगे.’’

डिब्रूगढ़ शहर में एक पॉलिटेक्निक संस्थान के निकट प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे. प्रदर्शनकारियों द्वारा की जा रही पत्थरबाजी में एक पत्रकार भी घायल हो गया.

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बड़ी संख्या में सड़कों पर निकले लोग

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#Delhi_ Violence : जांच के लिए दो एसआइटी का गठन,  आप पार्षद ताहिर हुसैन पर एफआइआर दर्ज, फैक्ट्री सील

दिल्ली हिंसा की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है.  दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के तहत दो एसआईटी का गठन किया गया है.

हालांकि, बुधवार को किसी भी संगठन ने बंद नहीं बुलाया है. लेकिन, जोरहाट, गोलाघाट, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, शिवसागर, बोंगाईगांव, नगांव, सोणितपुर और कई अन्य जिलों में सुबह लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर निकले.

अधिकारियों ने बताया कि सड़कों पर टायर जलाये गये हैं. वाहनों और ट्रेन की आवाजाही रोकने के लिए सड़कों और पटरियों पर लकड़ियों के कुन्दे रख दिये गये हैं.

डिब्रूगढ़ में चौलखोवा में रेलवे पटरियों और सड़कों से प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठीचार्ज भी किया. जिले के मोरन में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और रबड़ की गोलियां चलायी गयीं.

मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के गृह नगर चाबुआ में नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ मोटरसाइकिल रैली निकाली गयी.

परीक्षाएं टलीं, शैक्षणिक संस्थान के कैंपस सूने

गुवाहाटी विश्वविद्यालय, कॉटन विश्वविद्यालय और डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय में बुधवार को होने वाली परीक्षाएं टाल दी गयीं. शैक्षाणिक संस्थानों के कैंपस सुनसान दिख रहे थे.

कॉटन विश्वविद्यालय के छात्र सोमवार रात से ही राज्य की राजधानी में अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे हैं. बुधवार की सुबह असम इंजीनियरिंग कॉलेज के भी छात्र उनके साथ आ जुड़े.

जोरहाट और डिब्रूगढ़ में सारी दुकानें बंद हैं और सड़कों से वाहन नदारद रहे. लोगों ने दोनों जिलों के कई स्थानों पर रेल पटरी पर धरना दिया. शिवसागर के लकवा नगर में मोटरसाइकिल रैली निकाली गयी.

कई ट्रेनें रद्द की गयीं

कुछ प्रदर्शनकारियों ने लकवा में तेल के कुएं वाले इलाके में घुसने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया. नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने बुधवार को कई ट्रेनें रद्द कर दीं और राज्य से चलने वाली कई ट्रेनों की समय-सारिणी बदल दी.

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुभानन चंदा ने एक बयान में कहा कि कम से कम 14 ट्रेनों को या तो रद्द कर दिया गया है या गंतव्य स्थान से पहले ही रोक दिया गया है या फिर ‘ट्रेन परिचालन’ में बाधा को देखते हुए उनके रास्ते बदल दिये गये हैं.

दिल्ली में भी, पूर्वोत्तर के राज्यों के लोगों का एक समूह नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ बुधवार को प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर पहुंचा. प्रदर्शनकारियों ने विधेयक पर सरकार की आलोचना की और ‘हम नागरिकता संशोधन विधेयक का करते हैं विरोध’, ‘हमें चाहिए न्याय’ जैसे नारे लगाये.

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