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भूख हड़ताल पर बैठीं आंगनबाड़ी बहनें, कहा- सीएम ने आठ दिन का समय देकर पूरा नहीं किया वादा

12 महिलाएं बैठीं भूख हड़ताल में

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Ranchi : पिछले 29 दिनों से शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन के बाद अब आंगनबाड़ी सेविकाओं ने शुक्रवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है.

राजभवन के समक्ष भूख हड़ताल में 12 महिलाएं बैठी हैं. इनमें वीणा सिन्हा, प्रतिमा देवी, राधा रानी, कांता कुमारी, उषा सिन्हा, रीता शर्मा, राखी देवी, माला कुमारी, सुलेखा शांडिल्य समेत अन्य शामिल हैं.

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9 माह बीते, नहीं बढ़ा मानदेय 

इसकी जानकारी देते हुए राखी देवी ने कहा कि 21 अगस्त से महिलाएं शांतिपूर्ण आंदोलन कर रही हैं. 16 अगस्त से अपनी मांगों के लिये जिलावार प्रदर्शन किया जा रहा था. इतने पर भी सरकार के कान में हमारी मांगे नहीं गयीं.

पिछले साल भी आंगनबाड़ी बहनों ने आंदोलन किया था जिसके बाद 2018 में सरकार से समझौता हुआ कि 2019 से आंगनबाड़ी बहनों को बढ़ा कर मानदेय देंगे. लेकिन साल के नौ माह बीत चुके है अब तक सरकार की ओर से आंगनबाड़ी बहनों की मानदेय में वृद्धि नहीं की गयी.

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तीन सितंबर को मुख्यमंत्री ने आठ दिनों का समय दिया था

राखी ने बताया कि तीन सितंबर को आंगनबाड़ी सेविकाओं का एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री ने मुलाकात की थी. खुद मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आंगनबाड़ी सेविका सहायिका को मौखिक रूप से बुलाया था. इसमें मुख्यमंत्री ने आठ दिनों का समय दिया था और कहा था कि आठ दिनों में आंगनबाड़ी सेविका सहायिका और पोषण सखी की मांगों को मान लिया जायेगा.

लेकिन अब तक ऐसा हुआ नहीं. उन्होंने यह भी कहा कि न्यूनतम मजदूरी की मांग के लिये कमेटी भी गठित हो चुकी है. इसके बाद भी कमेटी की ओर से आंगनबाड़ी बहनों के मानदेय में वृद्धि नहीं की गयी.

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कम से कम सरकार बता दे, क्या देगी

राखी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा कि मांगों के लिये कमेटी बनायी गयी है. लेकिन यह पता नहीं चल रहा कि कमेटी की ओर से आंगनबाड़ी बहनों को कितना देने पर सहमति बनी है.

कम-से-कम सरकार इतना बता दे कि राज्य के आंगनबाड़ी बहनों को कितना देगी या कितना वृद्धि मानदेय में किया गया. लेकिन राज्य में पता ही नहीं चलता कि सरकार क्या कर रही है.

न्यूनतम मजदूरी की मांग कर रहीं आंगनबाड़ी बहनें

आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले महिलाएं धरना प्रदर्शन कर रही है. राज्य में इनकी संख्या लगभग 88 हजार है जिनमें सहायिका 4,432, सेविका 4,400 और पोषण सखी 12 हजार हैं. इनकी प्रमुख मांगों में मानदेय, रिटायरमेंट की उम्र सीमा बढ़ाने, पेंशन, 3 लाख का इंश्योरेंस सहित कई मांगें हैं.

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