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आंध्र प्रदेश विस चुनाव : मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने हार स्वीकार की, इस्तीफा देंगे

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Hyderabad :  30 मई को जगन मोहन रेड्डी राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने हार स्वीकार कर ली है. वह शाम तक इस्तीफा देंगे. आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी का जादू चल गया है. रुझानों के अनुसार उनकी पार्टी वाईएसआर कांग्रेस यहां जीत हासिल करती हुई दिख रही है. यहां 175 विधानसभा सीटों पर चुनाव हुए हैं. वाईएसआर 150 सीटों से आगे चल रही है. जबकि टीडीपी महज 25 सीटों से आगे है. वहीं वाईएसआर कांग्रेस के नेता उम्मारेड्डी वेंकटेशवरलु का कहना है कि 30 मई को जगन मोहन रेड्डी राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.

2014 में चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी सत्ता में आयी थी

2014 में चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी सत्ता में आयी थी. यहां 2014 में हुए चुनाव के बाद टीडीपी के हिस्से में 102 सीटें आयी थीं. वाईएसआर कांग्रेस को 67 सीट, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 4 सीट, नवोदयम को एक और एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार को मिली थी. मुख्य पार्टियों में टीडीपी और वाईएसआर कांग्रेस थीं. इस बार चुनाव में तेलुगु फिल्मों के अभिनेता पवन कल्याण की जनता सेना पार्टी (जेएसपी) भी मैदान में उतरी थी. राज्य में भाजपा और कांग्रेस ने भी सरकार बनाने के लिए भरपूर कोशिश की.

लेकिन लोगों का झुकाव स्थानीय पार्टियों की ओर अधिक रहा. आंध्र प्रदेश में इस बार स्थिति पिछले चुनाव से काफी अलग है. 2014 में टीजडीपी और भाजपा के गठबंधन की सरकार थी. इस गठबंधन को जेएसपी ने भी पूरा समर्थन दिया था. हालांकि उस वक्त जेएसपी ने किसी सीट पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारे थे. इस बार ये पार्टी किसी को भी नुकसान पहुंचा सकती है.

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2019 में इस बार टीडीपी और भाजपा राजनीतिक संबंध तोड़कर मैदान में उतरीं. यानि इनका गठबंधन नहीं है.जेएसपी- बसपा, सीपीआई और सीपीएम के साथ गठबंधन करके पहली बार चुनाव लड़ रही है. कांग्रेस भी यहां अकेले ही चुनाव लड़ रही है। वाईएसआर कांग्रेस की स्थिति पहले से काफी मजबूत हुई. पार्टी के प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने जनता के लिए प्रजा दरबार जैसी नयी शुरुआत की. जहां उन्होंने किसानों, छात्रों और ग्रामीणों की परेशानियों को सुना. वहीं रेड्डी का ये भी कहना है कि अगर उनकी विशेष राज्य के दर्जे वाली बात मान ली गयी, तो उनकी पार्टी भाजपा के साथ गठबंधन कर सकती है.
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