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…और अचानक मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों के बीच पहुंची ‘रहमत’

  • जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी से दो दिन पहले युवाओं ने बनायी ‘रहमत टीम’, निभायी जिम्मेदारी
  • ओल्ड एज होम, संत मिखाइल ब्लाइंड स्कूल,  चेशायर होम, अंजुमन अस्पताल तक में बांटे फूड पैकेट

Ranchi :  “कुरआन (सूरा नंबर 21 की आयत नंबर 107) के मुताबिक पैगंबर मोहम्मद साहब सारी दुनियाओं के लिए रहमत बनाकर भेजे गये. उन्होंने हर जीव की सेवा करना सवाब बताया. बताया कि हर जीव-जंतु के साथ रहमत का सुलूक किया जाये.” यह कहना है कुछ मुस्लिम युवाओं की उस टोली का, जिसका नाम है ‘रहमत टीम’. टीम के मुताबिक, कुरआन और पैगंबर मोहम्मद साहब के मानवता के इसी मार्गदर्शन का पालन करते हुए टीम जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी से ठीक दो दिन पहले मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों के बीच बुधवार को ‘रहमत’ बनकर पहुंची.

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...और अचानक मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों के बीच पहुंची ‘रहमत’

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ओल्ड एज होम, अस्पताल में फूड पैकेट के जरिये बांटा प्यार

रहमत टीम ने बताया कि जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी को करुणा दिवस (कॉम्पैशन डे) के रूप में मनाने की तैयारी है. इसी के तहत समस्त मानव समाज में मोहब्बत और रहमदिली को आम करने उद्देश्य से रहमत टीम ने रांची के ओल्ड एज होम, संत मिखाइल ब्लाइंड स्कूल,  चेशायर होम के अलावा बरनाबस, झारखंड और अंजुमन अस्पताल तक में फूड पैकेट बांटे. इस फूड पैकेट में सेब, केला, खजूर, बिस्कुट, हॉर्लिक्स और टॉफी शामिल थे.

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पैगंबर मोहम्मद साहब के मानव कल्याण के संदेश को व्यवहार में लाना ही सच्चा धर्म

बरनाबस अस्पताल के डायरेक्टर डॉ विक्रम, चेशायर होम की प्रभारी सिस्टर बिमला और संत मिखाइल स्कूल के प्रभारी राजकुमार चंद्रवंशी ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब के मानव कल्याण के संदेश को व्यवहार में लाना ही सच्चा धर्म और इंसानियत है. इस नेक काम में रांची सेंट्रल मुहर्रम कमिटी के महासचिव अकीलुर्रहमान, जमीयत-ए-उलमा के कोषाध्यक्ष शाह उमैर, अंजुमन इस्लामिया के उपाध्यक्ष मंजर इमाम, मरहबा सोसायटी के महासचिव निहाल अहमद, शमीम अहमद, नय्यर शाहबी लिमरा के औरंगजेब खान, शिपिंग लाइव के राशिद अख्तर, आमया के एस अली, अलहयात के रहमतउल्लाह, जीएल राही चांद, तमसील कौसर, मोहम्मद समीर, तारीक सगीर और शहरोज आदि का योगदान रहा.

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