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और मेहुल चौकसी ने नरेंद्र मोदी पर पीएचडी थीसिस पूरी कर ली…

यह मेहुल चौकसी डॉक्टरेट करने वाला सूरत का एक छात्र है. सूरत के इस छात्र ने  वीर नरमद साउथ गुजरात यूनिवर्सिटी में थीसिस जमा की है

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Ahmedabad :  मेहुल चौकसी  ने नरेंद्र मोदी पर पीएचडी थीसिस पूरी कर ली है. यह पीएनबी घोटाले का आरोपी भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चौकसी नहीं है.  यह मेहुल चौकसी डॉक्टरेट करने वाला सूरत का एक छात्र है. सूरत के इस छात्र ने  वीर नरमद साउथ गुजरात यूनिवर्सिटी में थीसिस जमा की है. उसकी रिसर्च थीसिस का नाम लीडरशिप अंडर गवर्नमेंट-केस स्टडी ऑफ नरेंद्र मोदी है. उसने अपनी रिसर्च के लिए 450 लोगों का इंटरव्यू किया. जिसमें सरकारी अफसर, किसान, स्टूडेंट और पॉलिटिकल लीडर्स थे. मेहुल ने इनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लीडरशिप क्वालिटी से जुड़े सवाल पूछे.  एएनआई से बात करते हुए मेहुल चौकसी ने कहा,  मैंने 450 लोगों से 32 सवाल पूछे.  जो जवाब मिले उसके अनुसार 25 प्रतिशत लोग समझते हैं कि मोदी की स्पीच काफी अपीलिंग होती है. वहीं 48 प्रतिशत लोगों का मानना है कि मोदी पॉलिटिकल मार्केटिंग में बेस्ट हैं.

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 81 प्रतिशत लोगों ने कहा था, सकारात्मक सोच वाला व्यक्ति ही पीएम होना चाहिए

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बता दें  मेहुल चौकसी लॉयर भी हैं. उन्होंने वीर नरमद यूनिवर्सिटी के प्रो नीलेश जोशी के मार्गदर्शन में पीएचडी की है. 2010 में मेहुल चौकसी  पीएचडी कर रहे थे. उस वक्त नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे. तब मेहुल चौकसी ने मुख्यमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी से जुड़े सवाल पूछे थे, जहां 51 प्रतिशत लोगों ने पॉजीटिव, 34.25 प्रतिशत लोगों ने नेगेटिव फीडबैक दिया था. 46.75 प्रतिशत लोगों ने कहा था कि पॉपुलेरिटी के लिए लीडर को ऐसे फैसले लेने पड़ते हैं जो जनता के लिए सही हों. मेहुल चौकसी के अनुसार 81 प्रतिशत लोगों ने कहा था कि सकारात्मक सोच वाला व्यक्ति ही प्रधानमंत्री होना चाहिए. 31 प्रतिशत लोगों ने प्रमाणिकता और 34 प्रतिशत लोगों ने पारदर्शिता को अहमियत दी. प्रोफेसर नीलेश जोशी ने कहा- ये टॉपिक काफी इंट्रेस्टिंग था. हमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा. जब कोई व्यक्ति ऊंचे पद पर हो तो उनके बारे में निष्पक्ष होकर लिखना मुश्किल हो जाता है. प्रोफेसर ने कहा, लोगों तक पहुंचना और उनसे जवाब पूछना भी चुनौती से कम नहीं था.

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