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और… हर बार की भांति इस बार भी सीएम साहब की फिसल गयी जुबानः देखें वीडियो

Dumka: “स…….. अब मिर्ची लग रहा है.” विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष को खरी-खोटी सुनाते वक्त मुख्यमंत्री रघुवर दास की जुबान फिसल गयी थी. उस वक्त इस बात को लेकर काफी माखौल उड़ा था. अब एक बार फिर दुमका के जामा में सीएम साहब की जुबान फिसली है. इस बार भी जब वो विपक्ष को अपने निशाने पर ले रहे थे, तो ऐसा हुआ. इस बार उन्होंने स…… नहीं बल्कि च……. का संबोधन किया है.

क्‍या कहा सीएम ने

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“देखो गरीबी तभी समाप्त होगा, नारा से समाप्त नहीं होगा, भाई आदिवासी और मूलवासी बोलने से समाप्त नहीं होगा. नेता लोग इतना दिन च……. बना रहा है खली आदिवासी-मूलवासी बोलकर, उसी के नाम पर लूटे जा रहा है. गरीबी आदिवासी का समाप्त कैसे होगा. मेरे जिंदगी का संकल्प है गरीबी को नेस्तानाबूद करना”.

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झारखंड का फ्रस्ट्रेट सीएम है रघुवर दासः जेएमएम

सीएम के इस तरह की बयानबाजी पर न्यूज विंग से बात करते हुए जेएमएम के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्या ने कहा कि बीजेपी वाले जो संस्कार सीखे है वही बोलते हैं. सीएम के ऐसा बोलने से यह साबित होता है कि वो कितनी घटिया मानसिकता से ग्रसित हैं. ऐसी भाषा से साफ होता है कि सीएम फ्रसटेट हैं. वो जान चुके हैं कि झारखंड की जनता उन्हें दोबारा से वोट देने नहीं जा रही है.

झारखंड के बाहर से आने वाला ही ऐसा भाषा का इस्‍तेमाल कर सकता है 

न्‍यूज विंग से बात करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि उनके सीएम बनने के डे वन से चौराहे वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं. कभी अधिकारियों के साथ, कभी अपने कार्यकर्ताओं पर, अब तो विपक्ष के लिए ऐसे बेहूदा शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे रघुवर दास का चरित्र खुलकर सामने आ गया है. दरअसल अगर ये झारखंड के रहते तो कभी भी इस तरह की भाषा का उपयोग नहीं करते. झारखंड एक शांत जगह है. यहां के लोग ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करते हैं. बाहर से आने वाला ही ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर सकता हैं. शर्म की बात है कि एक राज्य का मुखिया ऐसी बातें कर रहा है. ये तो माफी भी मांगेंगे नहीं. इसकी जितनी भ्रत्सना की जाए कम है.

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