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रांची स्मार्ट सिटी के लिए 500 करोड़ का इंटीग्रेटेड बजट निर्धारित

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Ranchi : स्मार्ट सिटी मिशन को लेकर आयोजित वर्कशॉप में नगर विकास विभाग के अधिकारियों ने कहा कि रांची स्मार्ट सिटी पर करीब 500 करोड़ रुपये का इंटीग्रेटेड बजट निर्धारित किया गया है. मिशन पर बने प्रोजेक्ट को दिसंबर तक अनुमति मिलने की संभावना है. वर्कशॉप में मिशन के निदेशक राहुल कपूर ने कहा कि केंद्र सरकार की ‘मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स’ ने मिशन पर करीब 45000 करोड़ का प्रोजेक्ट वर्क ऑर्डर जारी किया है. वहीं, इस वर्ष दिसंबर तक करीब एक लाख करोड़ पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है. उन्होंने यह बात स्मार्ट सिटी पर शुक्रवार को होटल बीएनआर चाणक्य में आयोजित दो दिवसीय वर्कशॉप में कही. यह वर्कशॉप मिशन को धरातल पर उतारने में आ रही समस्याओं के निपटारे के लिए आयोजित की गयी. वर्कशॉप में शामिल पांच राज्यों के 17 शहरों सहित रांची स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की समीक्षा की गयी. रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन के सह सीईओ आशीष सिंहमार ने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन के शुरू होने के बाद योजना से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का सामना मिनिस्ट्री को करना पड़ा है. पहले भी तीन शहरों में इस तरह की वर्कशॉप आयोजित की गयी है. रांची में यह इस तरह का चौथा वर्कशॉप है. इस दौरान नगर विकास विभाग से जुड़े प्रतिनिधिमंडल ने बने डीपीआर और विभिन्न प्रोजेक्ट पर आवंटित राशि पर अपनी बातों को रखा.

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एरिया बेस डेवलपमेंट पर किया जाना है काम

राहुल कपूर ने बताया कि मिशन में चुने गये 100 शहरों को लाइट हाउस एप्रोच की तर्ज पर एरिया बेस डेवलपमेंट किया जाना है. इन शहरों के लिए करीब 1700 प्रोजेक्टों पर डीपीआर बनायी जानी है. वहीं, 17 शहरों में 320 प्रोजेक्ट की डीपीआर पर काम किया जा रहा है. इस तरह के एप्रोच आस-पास के शहरों को भी मोटिवेट करेंगे. उन्होंने कहा कि योजना के तीन साल बीतने के बाद चयनित विभिन्न शहरों ने अपनी डीपीआर मिनिस्ट्री को सौंप दी है. अब इन्हीं डीपीआर में आ रही समस्याओं पर विचार करने के लिए सरकार ने वर्कशॉप की है.

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656 एकड़ में बनाया जाना है रांची स्मार्ट सिटी

आशीष सिंहमार ने कहा कि विदेशों में स्मार्ट शहर की तकनीकी और ट्रांसपोर्टेशन सुविधा को देखते हुए मंत्रालय ने स्मार्ट सिटी मिशन परियोजना को शुरू किया है. भारत के 100 शहरों को ऐसी आधुनिक तकनीकी सुविधा देने, डीपीआर बनाने में किस तरह की समस्या आ रही है, उसी पर यह वर्कशॉप आयोजित की गयी है. वर्कशॉप में झारखंड सहित सीमावर्ती चार राज्यों के 17 शहर शामिल होकर अपनी बातों को रखेंगे. आशीष सिंहमार ने कहा कि धुर्वा स्थित प्रोजेक्ट भवन के पीछे करीब 656 एकड़ में रांची स्मार्ट सिटी बनायी जानी है. यह देश की पहली ग्रीन फील्ड स्मार्ट सिटी होगी. इसके अंदर स्मार्ट वाटर सप्लाई सिस्टम, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, स्मार्ट ड्रेनेज सिस्टम, अंडर ग्राउंड विद्युत केबल बिछाने सहित अन्य प्रोजेक्ट पर काम किया जाना है.

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दिसंबर तक वर्क ऑर्डर मिलने की संभावना

वर्कशॉप के पहले दिन नगर विकास विभाग के अधिकारियों ने रांची स्मार्ट सिटी मिशन पर किये अभी तक के कार्यों पर प्रेजेंटेशन दिये. अधिकारियों ने बताया कि मिशन से जुड़े प्रोजेक्ट पर करीब 500 करोड़ रूपये इंटीग्रेटेड बजट की मंजूरी मिल चुकी है. प्रोजेक्ट पर वर्क ऑडर दिसंबर तक मिलने की संभावना है. इसमें पेडेस्ट्रियन सहित परिवहन एवं अन्य स्मार्ट सुविधाओं (गैस पाइपलाइन, ऑप्टिकल फाइबर, ड्रेनेज-सीवरेज सुविधा) पर 209.83 करोड़, ट्रांजिट हब (पीपीपी मॉडल) सहित वाटर मैनेजमेंट पर 184.10 करोड़ की डीपीआर तैयार की जा रही है. राजभवन से सर्कुलर रोड होते हुए कांटाटोली तक बननेवाले स्मार्ट रोड-3 पर 92.99 करोड़ रुपये का टेंडर हो चुका है. वहीं, बूटी मोड़ से बरियातू रोड होते हुए राजभवन तक बननेवाले स्मार्ट रोड-4 पर जारी 184.33 करोड़ रुपये के टेंडर को कोर्ट के आदेश के बाद रोका गया है.

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