न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

गिरिडीहः प्रसूता मौत मामले को रफा दफा करने की कोशिश में स्वास्थ्य विभाग

जांच के नाम पर बंद कमरे में हुई बैठक, मृतका के परिजनों से नहीं मिली जांच टीम

324

Giridih : गिरिडीह सदर अस्पताल में अनीता देवी नामक प्रसूता की मौत मामले को रफा दफा करने की कोशिश शुरू हो गई है. बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ जेपी सिंह के नेतृत्व में 3 सदस्यीय टीम गिरिडीह पहुंची. जांच के नाम पर महज खानापूर्ति हुई. जांच टीम ने सदर अस्पताल के चिकित्सक, एएनएम व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बंद कमरे में बैठक की. लेकिन जांच टीम ने मृतका के परिजनों से मिलने की जहमत तक नहीं उठायी. ऐसे में पूरी जांच प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में आ गई है.

इसे भी पढ़ें-साबित कर सकता हूं कि सीएम ने भूमि अधिग्रहण बिल लाकर गलती की है : हेमंत

क्या है पूरा मामला ?

पिछले 10 जुलाई को अनीता देवी नामक प्रसूता की मौत सदर अस्पताल में हो गई थी. इस मामले में अनीता देवी के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी. परिजनों का आरोप था कि ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक की लापरवाही से प्रसूता की जान चली गई. मरीज की स्थिति गंभीर होने के बावजूद बार बार सूचना देने पर भी ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक नहीं आयी और प्रसूता की मौत हो गई.

इसे भी पढ़ें – पहले तो फर्जी कंपनी बना ठग ली रकम, जेल से निकलते ही फिर बना ली नयी कंपनी   

silk_park

स्वास्थ्य निदेशक का आश्वासन

पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्वास्थ्य निदेशक डॉक्टर जेपी सिंह ने कहा कि जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी. उन्होने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी होंगे, उनके विरुद्ध निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी. टीम में उपनिदेशक डॉक्टर दीपाली डे और  डॉ रश्मि कुमारी समेत कई लोग मौजूद थे. बैठक में ट्रेनी आईएएस प्रेरणा दीक्षित, डॉ सुनीला कुमारी, डॉ कमलेश्वर प्रसाद,  डीएस डॉ बीएन झा, डॉ अशोक कुमार, डॉ आरपी दास और अस्पताल प्रबन्धक मौजूद थे.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: