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#ATM में जमा करने के लिए मिले 4.07 करोड़ गबन करने का एक आरोपी गिरफ्तार, 2.15 करोड़ बरामद

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Ranchi: सदर थाना क्षेत्र से 15 दिसंबर को एसबीआइ और यूबीआइ के एटीएम में डालने के लिए मिले चार करोड़ सात लाख 53 हजार रुपये लेकर फरार होने के मामले में मुख्य आरोपी बिपिन कुमार उर्फ गणेश ठाकुर को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया.

मामले में निजी एजेंसी कैश मैनेजमेंट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के दो कर्मी आरोपी हैं. पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के पास से 2 करोड़ 15 लाख 37 हज़ार रुपये बरामद किये हैं. गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर रांची पुलिस बिहार में संभावित जगहों पर छापेमारी कर रही है.

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चार करोड़ रुपये लेकर फरार हो गये थे दो कर्मी

एसबीआइ और यूबीआइ के एटीएम में पैसा डालने की जगह निजी एजेंसी कैश मैनेजमेंट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के दो कर्मी चार करोड़ सात लाख 53 हजार रुपये लेकर बीते 15 दिसंबर को फरार हो गये थे.

जानकारी के मुताबिक, एजेंसी द्वारा एसबीआइ के 16 और यूबीआइ के चार एटीएम में पैसा डाला जाना था. लेकिन पैसा नहीं डाला गया था. एजेंसी के स्तर पर हुई जांच में पता चला है कि कुल 17 एटीएम में गड़बड़ी की गयी थी.

घटना को लेकर एजेंसी के असिस्टेंट मैनेजर कंचन ओझा की शिकायत पर 18 दिसंबर को सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. प्राथमिकी में रुपये गबन का आरोप कंपनी के दो कर्मी सुपौल निवासी गणेश कुमार ठाकुर और समस्तीपुर निवासी शिवम कुमार पर लगाया गया था.

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कंपनी निजी और सरकारी बैंकों का पैसा एटीएम तक पहुंचाती है

बता दें कि निजी एजेंसी कैश मैनेजमेंट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड निजी और सरकारी बैंकों का पैसा एटीएम तक पहुंचाने का काम करती है. कंपनी की ओर से हर रूट में कैश वैन से एटीएम तक पैसा पहुंचाने के लिए दो कर्मी तैनात किये गये थे.

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कंपनी ने रुपये के कस्टोडियन गणेश कुमार ठाकुर और शिवम कुमार को रूट नंबर 106 के 20 एटीएम में पैसा डालने के लिए नियुक्त किया था. इस मामले में आरोपियों की जांच के लिए सिटी एसपी के स्तर पर टीम गठित कर कार्रवाई शुरू कर दी गयी थी.

दो दर्जन एटीएम में की गयी थी गड़बड़ी

शुरुआती जांच में पता चला कि दो दर्जन एटीएम में गड़बड़ी की गयी थी. घटना के समय अधिकारियों का कहना था कि शुरुआती जांच में 20 से 25 एटीएम में गड़बड़ी पायी गयी है.

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इनमें रूट नंबर 106 के बुंडू, तमाड़, राहे, रातू रोड के आधा दर्जन एटीएम, कोकर शिव मंदिर और सुरेंद्रनाथ सेंटेनरी स्कूल के पास वाले एटीएम शामिल हैं.

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रुपये जमा करनेवाली मशीन की नकदी में गड़बड़ी

आरोपी कर्मचारी ने नोट जमा करनेवाली मशीन से मिली नकदी में भी गड़बड़ी की थी. कर्मचारी एटीएम के सेटिंग्स में गड़बड़ी कर हर रोज उसमें बड़े नोटों की जगह छोटे नोट रीफिल कर देते थे.

जब ग्राहक पैसे निकाला (हिट) करते थे, तो उसे बड़े नोट की जगह छोटे करेंसी में राशि मिलती थी. जबकि कंपनी के हिसाब में उन छोटे नोटों को काउंटिंग में बड़े ट्रांजेक्शन में दिखा दिया जाता था.

पांच दिसंबर से ही धीरे-धीरे निकाल रहे थे

मामले की जांच के दौरान पता चला कि आरोपी 5 दिसंबर से ही धीरे-धीरे  रुपये निकाल रहे थे. 15 को दोनों कर्मी संपर्क नहीं होने पर जांच में मामले का खुलासा हुआ था.

प्राथमिकी के अनुसार, गणेश कुमार ठाकुर पिछले डेढ़ माह से और शिवम कुमार छह दिन से रूट के एटीएम में पैसा डाल रहा था. लेकिन कंपनी के कॉल सेंटर से जब 15 दिसंबर को दोनों कर्मियों को फोन किया, तो उनका फोन बंद मिला.

16 दिसंबर को जब दोनों कर्मी कार्यालय में नहीं आये तब पदाधिकारियों को आशंका हुई कि कहीं दोनों घायल तो नहीं हो गये. इसके बाद उनके वर्तमान पते पर कंपनी के कर्मचारी मिलने गये, लेकिन दोनों नहीं मिले.

इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि 15 दिसंबर को ही दोनों पैसा लेकर फरार हो गये. कंचन ओझा ने पुलिस को बताया है कि पैसे की गड़बड़ी पांच दिसंबर से 14 दिसंबर के बीच की हो सकती है.

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