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राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए अमिताभ चौधरी, अंतिम यात्रा में उमड़े चाहने वाले, CM हेमंत भी हुए शामिल

Ranchi: रिटायर्ड आईपीएस और झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) के पूर्व अध्यक्ष अमिताभ चौधरी आज पंचतत्व में विलीन हो गये. हरमू मुक्तिधाम, रांची में उनके पुत्र अभिषेक चौधरी ने उन्हें मुखाग्नि दी. इस दौरान उन्हें राजकीय सम्मान के साथ सशस्त्र सलामी भी दी गयी. मौके पर अमिताभ की पत्नी पूर्व आईपीएस अमिताभ निर्मल चौधरी, बेटी नियति, दो बहनें और बहनोई भी मौजूद रहे. सीएम हेमंत सोरेन, मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर, सांसद महुआ माजी, विधायक विरंची नारायण, झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर, JSCA के अध्यक्ष संजय सहाय, पूर्व उपाध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव समेत कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के अलावे उनके प्रशंसकों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी. हेमंत ने अभिषेक को इस मौके पर ढांढस बंधाया. इससे पूर्व जेएससीए स्टेडियम में सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक अमिताभ के अंतिम दर्शन का कार्यक्रम हुआ. उनके पार्थिव शरीर को आम लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था. यहां मंत्री मिथिलेश ठाकुर और अन्य गणमान्य लोगों के अलावा फेमस नेशनल क्रिकेटर सौरभ तिवारी, इशान जग्गी, शाहबाज नदीम सहित कई खेल प्रेमियों ने अमिताभ को नमन किया.

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Sanjeevani

JSCA के लिये बड़ी क्षति

मिथिलेश कुमार ठाकुर ने जेएससीए स्टेडियम जाकर अमिताभ को पुष्पांजलि अर्पित की थी. मौके पर कहा कि उनकी कमी झारखंडवासियों को हमेशा खलेगी. उनकी बहुत याद आयेगी. JSCA के अध्यक्ष संजय सहाय ने JSCA स्टेडियम में मीडिया से कहा कि अमिताभ चौधरी का जाना सामान्य घटना नहीं है. उनके परिजनों के अलावा यह JSCA और खुद उनके लिये भी बड़ी क्षति है जिसकी भरपाई संभव नहीं है. उनके जैसे व्यक्ति को अमिताभ ने एसोसिएशन में जगह दी. बहुत कम लोगों को ही इस तरह से एसोसिशन में ऊपर उठने का मौका मिलता है. जो क्षति हुई है, उससे उबरना आसान नहीं होगा. क्रिकेटर सौरभ तिवारी सहित अन्य ने भी इस मौके पर अमिताभ चौधरी के खेल प्रशासक और राज्य मे क्रिकेट के लिये किये गये उनके प्रयासों को याद किया. साथ ही इसे झारखंड में क्रिकेट के लिये बड़ा नुकसान बताया.

स्टेडियम में अमिताभ के अंतिम दर्शन कार्यक्रम के बाद JSCA की ओर से उनके शव को स्टेडियम के चारों ओर कंधा देकर घुमाया गया. अजय नाथ शाहदेव सहित कई अन्य ने उन्हें कांधा दिया. इस दौरान शाहदेव ने बताया कि अमिताभ सर नियमित तौर पर स्टेडियम आकर इसका मुआयना करते थे. कहीं कमी दिखने पर उसे दुरुस्त कराया जाता था. खेल, खिलाड़ियों के प्रति उनका जो प्रेम था, वह अतुलनीय रहा है, रहेगा.

हार्ट अटैक से अमिताभ का निधन

गौरतलब है कि 16 अगस्त की सुबह अमिताभ चौधरी को हार्ट अटैक आया था. इसके बाद उन्हें सेंटेविटा अस्पताल में भर्ती कराया गया था. कई कोशिशों के बावजूद उन्हें नहीं बचाया जा सका था. सीएम हेमंत सोरेन सहित दूसरे लोगों ने इसे राज्य के लिये बड़ी क्षति बताया था.

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