Opinion

अमित शाह कहते हैं: ममता बनर्जी प्रेस कांफ्रेंस नहीं करती, पर पीएम तो छह साल से यही कर रहे हैं

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Apoorva Bhardwaj

अमित शाह और संबित पात्रा बोल रहे हैं कि बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी डरपोक हैं, बोल रहे हैं कि प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करके वो कोरोना के सवालों से बच रही हैं. अमित और संबित क्यों भूल जाते हैं, उनके साहब ने भी पिछले 6 सालों में एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है तो फिर इस लॉजिक से उनके साहब बहादुर कितने डरपोक हुए?

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2019 के लोकसभा चुनाव के प्रचार के आखिरी दिन साहब ने नकली प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसमें उन्होंने एक भी सवाल का जवाब नहीं दिया था, राहुल गांधी इस समय लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस और इंटरव्यू करके सवाल पूछ भी रहे हैं और उनका जवाब भी दे रहे हैं, पर इस युग के सबसे बड़े वक्ता साहब चुप हैं और सवालों से बच रहे हैं

साहब समर्थक मनमोहन सिंह को मौनमोहन सिंह कहते थे, लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस करने में मनमोहन सिंह भारत के सभी प्रधानमंत्री की तुलना में बहुत ज्यादा सक्रिय थे, मनमोहन अपने मन की बात नहीं करते थे वो लोगों के दिल की बात सुनते थे.

जब साहब को कोरोना के नाम पर दान मांगना था तो वो 24 ×7 टेलीविजन पर आकर और 40 से अधिक ट्वीट कर मांग चुके हैं, लेकिन अब जब पीएम केयर का हिसाब देने की बात आयी तो वो प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं कर रहे और सवालों का जवाब देने से कन्नी काट रहे हैं.

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चाणक्य कहते हैं कि जब कोई राजा अपनी प्रजा के सवालों का जवाब देने से बचने लगे तब समझ लेना चाहिए या तो वो डर रहा है या ऐसा कुछ छुपा रहा है, जिससे उसको अपनी गद्दी जाने का डर है.

लेकिन इन सब के बीच कोई चन्द्रगुप्त मंद-मंद मुस्कराता है, क्योंकि वो जानता है उस अभिमानी राजा का अंत निकट है. डाटा और इतिहास बहुत संकेत देता है, बस पढ़ने वाला चाहिए भारत भाग्य विधाता.

डिस्क्लेमर : ये लेखक के निजी विचार हैं.

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