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फ्री पीरियड्स अभियान वाली भारतीय मूल की अमिका जॉर्ज को मिला ऑस्कर फॉर सोशल प्रोग्रेस अवॉर्ड

फ्री पीरियड्स अभियान को लेकर दुनिया भर में चर्चित हुई भारतीय मूल की लड़की अमिका जॉर्ज को बिल गेट्स और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमेनुएल मैक्रों की मौजूदगी में गोलकीपर्स ग्लोबल गोल अवॉर्ड 2018 से सम्मानित किया गया.

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New York : फ्री पीरियड्स अभियान को लेकर  दुनिया भर में चर्चित हुई भारतीय मूल की लड़की अमिका जॉर्ज को बिल गेट्स और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमेनुएल मैक्रों की मौजूदगी में गोलकीपर्स ग्लोबल गोल अवॉर्ड 2018 से सम्मानित किया गया. भारतवंशी अमिका के अलावा यह अवॉर्ड आईएस के आतंक से बचकर निकली 24 साल की यजीदी युवती नादिया मुराद और केन्या में किसानों की मदद करने वाली 28 साल की डायसमस किसिलू को मिल चुका है. बता दें कि इस अवॉर्ड को सामाजिक कार्य क्षेत्र का ऑस्कर (ऑस्कर फॉर सोशल प्रोग्रेस) भी कहा जाता है. बिल और मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने 2017 में गोलकीपर्स ग्लोबल गोल अवार्ड की शुरूआत की है.

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अमिका अब दुनिया की जानी मानी एक्टिविस्ट बन चुकी है

18 साल की अमिका को अवार्ड मिलने का कारण पिछले साल हजारों लोगों को डाउनिंग स्ट्रीट में प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करना रहा. अमिका ने  प्रदर्शनकारियों के साथ स्कूल में पढ़ने वाली गरीब लड़कियों के लिए फ्री सेनेटरी पैड की मांग की थी. अमिका के फ्री पीरियड्स अभियान के बाद ब्रिटिश सरकार ने इस काम के लिए 15 लाख पाउंड का अनुदान देने की घोषणा की थी.  अमिका अब दुनिया की जानी मानी एक्टिविस्ट बन चुकी है.  कहा कि मुझे प्लान इंटरनेशनल की वह रिपोर्ट  देखकर आश्चर्य हुआ कि ब्रिटेन जैसे देश में हर दस में से एक लड़की सेनेटरी नहीं खरीद पाती. पैसों की कमी के कारण इन लड़कियों को समाचार पत्र, गंदे कपड़े, रूमाल या मोजे का इस्तेमाल करना पड़ता है. उनकी बिगड़ती सेहत के बावजूद सरकार कुछ नहीं कर रही थीं.

 अमिका जॉर्ज के दादा-दादी भारत में केरल के निवासी थे :  अमिका जॉर्ज के दादा-दादी भारत में केरल के रहने वाले थे. बाद में वे ब्रिटेन जाकर बस गये थे . अमिका का जन्म वहीं हुआ. छोटी उम्र में ही ऑनलाइन याचिका से अपने अभियान की शुरूआत की. वर्तमान में अमिका कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से इतिहास पढ़ने जा रही है. उसने अपना मकसद हर लड़की के लिए फ्री सेनेटरी पैड के लिए संघर्ष करना बताया है.  

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