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मेयर के विरोध के बीच श्री पब्लिकेशन सोमवार से करेगी काम, 2 लाख घरों से होगी टैक्स वसूली

25,000 को मिलेगा ट्रेड लाइसेंस

Ranchi  :  मेयर आशा लकड़ा के तमाम विरोध के बीच टैक्स वसूली करने वाली कंपनी श्री पब्लिकेशन सोमवार से काम करेगी. बकायदा नगर आयुक्त मुकेश कुमार ने टैक्स वसूली से जुड़े निगम की सभी शाखा को कंपनी को फाइल ट्रांसफर करने की सलाह दे दी है. श्री पब्लिकेशन के काम शुरू करने से जहां राजधानी के 2 लाख से अधिक घरों से सीधे टैक्स वसूली हो सकेगी.

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वहीं निगम में रजिस्टर्ड 25,000 ट्रेड लाइसेंसधारियों का लाइसेंस भी जारी हो सकेगा. इसके अलावा राजधानी में नये भवनों को होल्डिंग नंबर मिलने का रास्ता भी साफ हो सकेगा. बता दें कि होल्डिंग नंबर नहीं रहने से राजधानी के लोगों की जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं हो रही है.

इस साल 12 अगस्त के बाद राजधानी में नया होल्डिंग टैक्स मिलना बंद हो गया है. नया होल्डिंग नंबर लेने के लिए लोग रोजाना निगम का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लग रही है.

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यहां फंसा है पेंच

 

हालांकि श्री पब्लिकेशन को काम शुरू नहीं करने पर मेयर आशा लकड़ा अभी भी अड़ी हैं. उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि टैक्स वसूली का काम नयी कंपनी तबतक नहीं करेगी, जबतक मामले में हाईकोर्ट का फैसला नहीं आ जाता है. बता दें कि नयी कंपनी के चयन को लेकर सूडा के निकाले टेंडर के खिलाफ मेयर ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की हुई है. मेयर ने टेंडर को निगम के काम हस्तक्षेप बताया है.

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बेरोजगारों को मिलेगी राहत

 

राजस्व शाखा से जुड़े एक कर्मी का कहना है कि निगम में रजिस्टर्ड 25,000 ट्रेड लाइसेंस के साथ हर माह करीब 700 से 800 नये आवेदन भी निगम में जमा होता है. कोरोना संक्रमण के खतरे और निगम-सूडा विवाद के कारण ट्रेड लाइसेंस बनाने का काम पूरी तरह से ठप हैं. ऐसे में कई युवाओं जिन्हें रोजगार शुरू करने में लोन मिलने में परेशानी हो रही है, उसके लिए अब रोजगार करना आसान हो सकेगा.

जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री हो सकेगी आसान

 

निगम-सूडा विवाद का असर जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री पर भी पड़ रहा है. दरअसल राजधानी में लॉकडाउन के दौरान रजिस्ट्री कार्यालय खुलने के बाद हर दिन करीब 30 से 40 डीड की रजिस्ट्री होती थी, लेकिन सरकार के निर्देश के बाद राजधानी में बिना होल्डिंग नंबर के कोई भी रजिस्ट्रेशन नहीं करने का निर्देश जारी किया गया है. इसके बाद रजिस्ट्री की संख्या बहुत कम हो गयी है. ऐसे में होल्डिंग नंबर मिलने से रजिस्ट्री का काम भी शुरू हो सकेगा.

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