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अंडमान-निकोबार में अमेरिकी नागरिक की जनजातीय लोगों ने हत्या कर दी, सात गिरफ्तार

मछुआरों ने अमेरिकी पर्यटक को आखिरी बार तब देखा था, जब उस पर दक्षिणी अंडमान की तरफ मौजूद द्वीप पर उतरने के बाद तीरों और कमानों से हमला किया गया.

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 NewDelhi : अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के एक द्वीप पर एक अमेरिकी नागरिक की हत्या किये जाने की खबर है.  सूत्रों के अनुसार इस वारदात को सेंटिनली जनजाति के लोगों द्वारा अंजाम दिया गया है. बता दें कि यह जनजाति बाहरी लोगों के वहां आने या उनसे संपर्क करने का विरोध करती है. एएनआई के अनुसार मारे गये अमेरिकी नागरिक की पहचान जॉन एलन चौ के रूप में हुई है. इस वारदात में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है. अमेरिकी नागरिक की हत्या पर रेस हुई पुलिस ने आनन फानन में अंडमान द्वीप समूह से सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. स्थानीय मीडिया के अनुसार, जॉन एलन चौ मिशनरी थे. एक अखबार ने सूत्रों का हवाला देते हुए बताया कि चौ पूर्व में पांच बार अंडमान-निकोबार द्वीपों का दौरा कर चुके थे  जानकारी दी गयी है कि जॉन एलन चौ एक मछुआरे की सहायता से पिछले पांच दिनों से उत्तरी सेंटीनेल द्वीप में घूम रहे थे. पुलिस के एक सीनियर अधिकारी के अनुसार मामला 20 नवंबर का है. मछुआरों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अमेरिकी पर्यटक को आखिरी बार तब देखा था, जब उस पर दक्षिणी अंडमान की तरफ मौजूद द्वीप पर उतरने के बाद तीरों और कमानों से हमला किया गया. मछुआरों ने पुलिस को बताया, जनजातीय लोग इस 27वर्षीय पर्यटक को घसीटकर समुद्रतट तक लेकर आये.

सेंटिनली जनजाति पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता

पुलिस ने मंगलवार को चौ की हत्या का मामला दर्ज किया है. उत्तरी सेंटिनल द्वीप स्वदेशी जनजाति सेंटिनेलिस का गढ़ बताया गया है. यह जनजाति किसी बाहरी इंसान से संपर्क नहीं रखना चाहती. यह उनके क्षेत्र में किसी का आना स्वीकार नहीं करती है. बता दें कि भारतीय कानून सेंटिनली जनजाति लोगों की रक्षा करता है. उनकी संख्या 50 से कम होने का अनुमान है. यह जनजाति पैसे का उपयोग नहीं करती है. इन लोगों पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता. इसके अलावा उनके साथ कोई संपर्क या उनके निवास क्षेत्रों में प्रवेश अवैध घोषित किया गया है. सेंटिनली लोगों का वीडियो बनाना भी प्रतिबंधित है. 2017 में सरकार ने स्पष्ट किया था कि सेंटिनेलियों को आदिवासी जनजाति के रूप में पहचाना जाता है. उन्हें दिखाये जानेवाले वीडियो सोशल मीडिया या इंटरनेट पर अपलोड नहीं किये जा सकते.

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