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#Delhi_Violence : ट्रंप के बयान पर बर्नी सैंडर्स सहित कई american सांसद बरसे, कहा,  यह मानवाधिकार पर नेतृत्व की विफलता

Washington : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिल्ली हिंसा की घटनाओं को भारत का आंतरिक मामला बताने पर अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार बर्नी सैंडर्स के निशाने पर आ गये हैं. डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी निंदा करते हुए बर्नी सैंडर्स ने गुरुवार को कहा कि यह मानवाधिकार पर नेतृत्व की विफलता है.

इससे पहले बुधवार को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग ने भारत सरकार ने अनुरोध किया था कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए तेजी से कार्रवाई करे. अमेरिकी आयोग ने हिंसा पर गंभीर चिंता जताई है. कहा कि भारत सरकार को मुसलमानों पर हमले की खबरों के मद्देनजर उनकी आस्था की परवाह किये बिना लोगों को सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए.

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कई प्रभावशाली सीनेटरों ने दिल्ली हिंसा पर चिंता जताई है

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, सैंडर्स ने ट्वीट कर कहा, 20 करोड़ से अधिक लोग भारत को अपना घर मानते हैं. बड़े स्तर पर हुए मुस्लिम विरोधी भीड़ हिंसा में कम से कम 27 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हो गये हैं. ट्रंप ने जवाब देते हुए कहा कि यह भारत को देखना है. यह मानवाधिकार पर नेतृत्व की विफलता है. जान लें कि  प्रभावशाली सीनेटरों ने भी दिल्ली हिंसा पर बुधवार तक सामने आने वाली घटनाओं पर चिंता जताई है.

जान लें कि भारत के अपने दो दिवसीय दौरे के अंतिम दिन जब ट्रंप से देश की राजधानी दिल्ली में हिंसा की घटनाओं के बारे में पूछा गया, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, जहां तक व्यक्तिगत हमलों के बारे में है, मैंने इसके बारे में सुना, लेकिन मैंने मोदी के साथ चर्चा नहीं की. यह भारत को देखना है.

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सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन के बाद सैंडर्स  राष्ट्रपति पद के दूसरे डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हैं

सैंडर्स सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन के बाद राष्ट्रपति पद के दूसरे डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हैं, जिन्होंने दिल्ली में CAA पर हिंसा के खिलाफ टिप्पणी की है. दिल्ली में हिंसा की निंदा करते हुए वारेन ने ट्वीट कर कहा था, भारत जैसे लोकतांत्रिक भागीदारों के साथ संबंधों को मजबूत करना महत्वपूर्ण है. लेकिन हमें अपने मूल्यों के बारे में सच्चाई से बात करने में सक्षम होना चाहिए, जिसमें धार्मिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता शामिल है.

डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर मार्क वार्नर और रिपब्लिकन पार्टी के जॉन कॉर्नीन ने भी संयुक्त बयान जारी कर कहा कि दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर हम चिंतित हैं वार्नर और कॉर्नीन सीनेट इंडिया कॉकस के सह अध्यक्ष हैं जो कि अमेरिकी सीनेट में किसी खास देश के संबंध में सबसे बड़ा कॉकस है. सांसद जैमी रस्कीन ने कहा कि वे हिंसा से भयभीत हैं जो कि धार्मिक नफरत और उन्माद से भरी है.

उदारवादी लोकतंत्रों को धार्मिक स्वतंत्रता और बहुलता की रक्षा करनी चाहिए और भेदभाव व कट्टरता रास्ता छोड़ना चाहिए. विदेशी संबंधों के शक्तिशाली परिषद की अध्यक्षता करने वाले रिचर्ड एन हस ने कहा कि भारत की सफलता इस बात में है कि बड़ी मुस्लिम आबादी अपने आप को भारतीय मानती है. लेकिन इससे राजनीतिक फायदे के लिए पहचान की राजनीति का फायदा उठाने की कोशिशों पर खतरा है.

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