Khas-KhabarWorld

Corona Virus के बढ़ते कहर के बीच अमेरिका ने WHO से तोड़ा नाता

संयुक्त राष्ट्र संघ को दी आधिकारिक जानकारी

विज्ञापन

Washington: दुनिया में कोरोना का कहर जारी है. कई देशों में संक्रमण के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है. अमेरिका कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित है. इस वैश्विक संकट के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से अपने सारे नाते तोड़ने की प्रक्रिया की शुरुआत कर दी हैं.

डब्ल्यूएचओ के साथ अपने देश के सभी संबंध खत्म करने की जानकारी आधिकारिक तौर पर संयुक्त राष्ट्र को भी दे दी है. बता दें कि डब्ल्यूएचओ संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य से जुड़ी सबसे बड़ी संस्था है. डब्ल्यूएचओ से अमेरिका के विवाद का कारण है कोरोना संक्रमण. दरअसल, अमेरिका कोरोना वायरस संक्रमण के लिए चीन को जिम्मेदार मानता है, जबकि डब्ल्यूएचओ का कहना है कि इस मामले में चीन ने जिम्मेदारीपूर्वक अपना रोल निभाया है.

advt

इसे भी पढ़ेंःकानपुर शूटआउटः विकास दुबे का करीबी अमर दुबे मुठभेड़ में ढेर, गैंगस्टर की तलाश में छापेमारी

डब्ल्यूएचओ पर चीन का पक्ष लेने का आरोप

अमेरिका डब्ल्यूएचओ पर लगातार कोविड-19 को लेकर चीन का पक्ष लेने का आरोप लगाता रहा है. यह वैश्विक महामारी पिछले साल चीन के वुहान शहर से ही शुरू हुई थी. अमेरिका ने आरोप लगाया है कि स्वास्थ्य संगठन के विश्व को गुमराह करने के कारण इस वायरस से दुनिया भर में पांच लाख से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें से 1,30,000 से अधिक लोग तो अमेरिका के ही हैं.

अप्रैल में बंद की थी फंडिंग

ट्रंप प्रशासन के संबंधों की समीक्षा शुरू करने के बाद अमेरिका ने अप्रैल में ही डब्ल्यूएचओ को फंड देना बंद कर दिया था. इसके एक महीने बाद ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ संबंध समाप्त करने की घोषणा की थी.

adv

अमेरिका डब्ल्यूएचओ को सबसे अधिक कोष, 45 करोड़ डॉलर से अधिक प्रति वर्ष देता है, जबकि चीन का योगदान अमेरिका के योगदान के दसवें हिस्से के बराबर है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने एक बयान में कहा, ‘ मैं कह सकता हूं कि छह जुलाई 2020 को अमेरिका ने महासचिव को विश्च स्वास्थ्य संगठन से हटने की आधिकारिक जानकारी दी जो छह जुलाई 2021 से प्रभावी होगा.’ दुजारिक ने कहा कि डब्ल्यूएचओ महासचिव के साथ इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि संगठन से हटने की सभी प्रक्रियाएं पूरी की गईं की नहीं. बता दें कि अमेरिका 21 जून 1948 से डब्ल्यूएचओ संविधान का पक्षकार है.

इसे भी पढ़ेंःबिहार: Corona से अब तक 98 की मौत, संक्रमितों की संख्या बढ़कर 12,525

एक साल पहले देना पड़ता है नोटिस

डब्ल्यूएचओ से अलग होने के लिए अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव को दस्तावेज सौंप दिए हैं. लेकिन एक साल बाद ही अमेरिका विश्व स्वास्थ्य संगठन से पूरी तरह से अलग हो पायेगा. दरअसल, डब्ल्यूएचओ से अलग होने के लिए नियमों के मुताबिक एक साल पहले सूचना देनी जरूरी है. ऐसे में अमेरिका 6 जुलाई 2021 से पहले इस संगठन से अलग नहीं हो सकता है. इसका ये भी मतलब है कि इस एक साल के दरम्यान इस फैसले को बदला भी जा सकता है. सीनेटर बॉब मेनेन्देज ने कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से अलग होने की सूचना यूएस कांग्रेस को दे दी है.

इसे भी पढ़ेंःकोरोना काल में आया कविता संकलन ‘अविरल’, दे रहा जीवन संदेश

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button
Close