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श्रमकानूनों में संशोधन पूंजीपतियों के हित में, संविधान में अब ‘रिपब्लिक ऑफ इंडिया’ की जगह लिखा जायेगा ‘कॉरपोरेट ऑफ इंडिया’ :  जेएमएम

Ranchi :  संसद से पास किये गये नये श्रम कानूनों में संशोधन को लेकर जेएमएम ने मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है. पार्टी प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि देश के संसदीय इतिहास में विगत एक सप्ताह में मोदी सरकार ने जो बड़े परिवर्तन किये हैं, वे पूरी तरह से अपने पूंजीपति मित्रों को मदद पहुंचाने के लिए किये गये हैं. उन्होंने कहा कि श्रम कानून और कृषि विधेयकों में बदलाव के लिए मोदी सरकार ने कोरोना जैसे गंभीर संकट को चुना है, ताकि देश के चंद पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाया सके. पहले संविधान में “रिपब्लिक ऑफ इंडिया” लिखा जाता था, वहीं अब संविधान में “कॉरपोरेट ऑफ इंडिया” लिखा जायेगा.

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वर्कर्स के लिए नहीं बल्कि कॉर्पोरेट के लिए है संशोधन

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जेएमएम नेता ने कहा कि पिछले 17 और 18 सितंबर को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसानों की कमर तोड़ने वाले तीन नये कानून पास किये गये. उसके बाद 22 और 23 तारीख को भारतीय समाज और अर्थव्यवस्था के प्रमुख आधार श्रमिकों को प्रत्यक्ष तौर पर तोड़ने की कोशिश की गयी. उन्होंने कहा कि लेबर लॉ के नाम पर मोदी सरकार ने जो काला कानून लाया, उससे देश के बड़े मजदूर यूनियन ने साफ कर दिया कि यह कानून वर्कर्स के लिए नहीं बल्कि कॉर्पोरेट के लिए है. मजदूर संगठन बीएमएस ने तो यहां तक कहा दिया कि मोदी सरकार का नया कानून देश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की जगह ईज ऑफ क्लोजिंग बिजनेस की तरह होगा.

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ILO  के कन्वेंशन 144 का स्पष्ट उल्लंघन है संशोधन

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि मोदी सरकार का श्रम कानून इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन (आइएलओ) के 144 कन्वेंशन का स्पष्ट उल्लंघन है. कानून को लाने से पहले श्रमिकों के लेबर, उनके सिक्यूरिटी पर केंद्र सरकार ने कोई चर्चा नहीं की. पहले के कानून में इस बात का जिक्र था कि जिस ईकाई में 100 मजदूर काम करेंगे, वहां उन्हें हर तरह की सुविधा मिलेगी. उनकी मांगों को मानने के लिए ट्रेड यूनियन और प्रशासन भी रहेगा और नियोजक भी. मलतब मजदूरों के हित में कोई भी समझौता त्रिपक्षीय होगा. लेकिन नये कोड ऑफ वेजेज 2019 में इन सभी बातों को पूरी तरह से उल्लंघन किया गया. नये कानून पर अब सीधे तौर पर नियोजक को यह अधिकार दे दिया गया है कि अब अने यहां वे किसी को भी परमेंनेट नहीं रख सकते हैं.

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