न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

स्वंयसेवी संस्थानों को रेफरल ट्रांसपोर्टेशन पर दिये गये एंबुलेंस का फिर से मंगाया जायेगा आवेदन

सभी जिलों में स्वंयसेवी संस्थानों को राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत दिया गया था एंबुलेंस

175

Ranchi: झारखंड सरकार की ओर से स्वंयसेवी संस्थानों को रेफरल ट्रांसपोर्टेशन के लिए दिये गये एंबुलेंस सेवा का आवेदन फिर से मंगाया जायेगा. राज्य के सभी जिलों में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत 186 सीएचसी तक मरीजों को पहुंचाने के लिए एंबुलेंस सेवा शुरू की गयी थी. इसके लिए 146 एंबुलेंस विकास भारती, सिटिजंस फाउंडेशन समेत अन्य एनजीओ को दिया गया था. योजना के तहत एंबुलेंस की सेवा के लिए चिकित्सकों के अलावा कंपाउंडर, प्रशिक्षित नर्स और सहिया को प्रतिनियुक्त किया गया था.

इसे भी पढ़ेंःIAS अफसरों का बड़ा तबका महसूस कर रहा असहज, ऑफिसर ने बर्खास्त होना समझा मुनासिब, लेकिन वापसी मंजूर नहीं 

2012-13 में शुरू की गयी योजना के सफल नहीं होने पर, अब स्वास्थ्य विभाग की तरफ से री-टेंडर कर फ्रेश आवेदन मंगाने का निर्णय लिया गया है. सूत्रों का कहना है कि, सुदूर ग्रामीण इलाकों तक चिकित्सकों को 25 से 30 हजार रुपये के मानदेय पर एंबुलेंस में बैठाना मुनासिब नहीं हो रहा था. चिकित्सक भी एंबुलेंस सेवा में अपना योगदान देने से जरूरी निजी क्लिनिक अथवा अस्पतालों में चिकित्सा सेवा को अधिक तवज्जो देते थे. इसके अलावा एंबुलेंस का रख-रखाव भी काफी महंगा था.

hosp3

एक एंबुलेंस सेवा के लिए सरकार की तरफ से 1.25 लाख रुपये से अधिक का मिलता था खर्च

योजना के तहत एक-एक एंबुलेंस पर सरकार स्वंयसेवी संस्थानों को 1.25 लाख रुपये से अधिक की राशि का भुगतान करती थी. चिकित्सकों को सप्ताह में चार दिन के लिए अपनी ड्यूटी देना जरूरी किया गया था. इसके अलावा एएनएम तथा सहिया के लिए भी एक तय रकम निर्धारित की गयी थी. एंबुलेंस सेवा के लिए स्वंयसेवी संस्थानों को टेलीफोन बिल, टेलीफोन कनेक्शन, कॉल सेंटर की सुविधा, प्रचार-प्रसार करने के लिए भी राशि का भुगतान करना पड़ता था. एक-एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से मरीजों को सेवा देने के लिए 3.86 लाख का भुगतान भी सरकार की तरफ से किया जाता था. सलाना एक-एक एंबुलेंस पर सरकार 15 लाख से अधिक का खर्च कर रही थी.

इसे भी पढ़ेंःपाकुड़ शहर में डीसी के खिलाफ पोस्टरबाजी, जूनियर इंजीनियर और खनन पदाधिकारी के साथ मिलकर भ्रष्टाचार करने का आरोप

सरकार के 108 सेवा शुरू करने से एंबुलेंस सेवा पर पड़ा प्रभाव

राज्य सरकार की तरफ से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की तरफ से 108 एंबुलेंस सेवा शुरू करने की वजह से राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की पुरानी योजना पर खासा फर्क पड़ा है. सरकार 256 एंबुलेंस राज्य भर में 108 के नाम पर संचालित कर रही है. इससे सरकारी अस्पतालों तक गंभीर बीमारी के मरीजों को पहुंचाने का काम किया जाता है. राज्य के 17वें स्थापना दिवस समारोह के दिन 108 योजना की शुरुआत सरकार की तरफ से की गयी थी.

इसे भी पढ़ें – NEWS WING IMPACT : आयुष्मान कार्डधारी से पैसे मांगने के मामले में रिम्स निदेशक बोले- हमसे गलती हुई,…

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

You might also like
%d bloggers like this: